वैश्य समाज के सम्मान समारोह में शक्ति प्रदर्शन, जनसमस्याओं पर विधायक ने दिया भरोसा

शहर की सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों के बीच सोमवार की देर शाम गोयल धर्मशाला वैश्य समाज की एकजुटता और सम्मान के साक्षी के रूप में उभरी। अवसर था वैश्य समाज द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह का, जिसमें बक्सर विधायक आनंद मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में 500 से अधिक वैश्य समाज के महिला-पुरुषों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बना दिया।

वैश्य समाज के सम्मान समारोह में शक्ति प्रदर्शन, जनसमस्याओं पर विधायक ने दिया भरोसा

__ गोयल धर्मशाला में जुटे 500 से अधिक लोग, खासमहल जमीन और जाम के समाधान का आश्वासन

केटी न्यूज/बक्सर

शहर की सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों के बीच सोमवार की देर शाम गोयल धर्मशाला वैश्य समाज की एकजुटता और सम्मान के साक्षी के रूप में उभरी। अवसर था वैश्य समाज द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह का, जिसमें बक्सर विधायक आनंद मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में 500 से अधिक वैश्य समाज के महिला-पुरुषों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बना दिया।विधायक आनंद मिश्रा के पहुंचते ही माहौल उत्साह और अपनत्व से भर गया।

उन्होंने पारंपरिक औपचारिकता से हटकर सीधे वैश्य भाइयों के बीच जाकर अंगवस्त्र और माला पहनाकर स्वागत किया। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए भावनात्मक क्षण बन गया। पूरा पंडाल जयकारों और तालियों से गूंज उठा, जिससे समारोह एक राजनीतिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर सामाजिक संवाद का मंच बन गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वैश्य समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवजी खेमका ने की। मंच पर ओमप्रकाश वर्मा, कन्हैया पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन, पूर्व जिलाध्यक्ष केदार तिवारी, वरिष्ठ नेता रामस्वरूप अग्रवाल और महिला अध्यक्ष कंचन देवी सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे।

अतिथियों का स्वागत शाल और माला से किया गया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।सभा को संबोधित करते हुए विधायक आनंद मिश्रा ने वैश्य समाज की भूमिका को शहर के विकास में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समाज निडर होकर अपनी समस्याएं सामने रखे। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा, व्यापारिक हितों और बक्सर शहर की ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए वे प्रतिबद्ध हैं।

खासमहल की जमीन से जुड़ा मामला हो या शहर में बढ़ती जाम की समस्या, इन पर शीघ्र ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।विधायक के संबोधन के दौरान समाज के लोगों ने भी खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम का समापन प्रीति भोज के साथ हुआ, जिसमें सभी ने सहभागिता की। यह समारोह न केवल सम्मान का अवसर रहा, बल्कि वैश्य समाज और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करने का मंच भी साबित हुआ।