ईंटों की ओट में शराब तस्करी का भंडाफोड़,

नववर्ष के जश्न को अवैध शराब के सहारे भुनाने की तस्करों की बड़ी साजिश को मुफस्सिल थाना पुलिस ने ऐन वक्त पर नाकाम कर दिया। यूपी–बिहार सीमा पर ईंट लदे ट्रैक्टर की आड़ में छुपाकर लाई जा रही 1740.84 लीटर अंग्रेजी शराब की खेप पकड़े जाने से न सिर्फ शराब माफिया के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि उत्पाद विभाग के चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।

ईंटों की ओट में शराब तस्करी का भंडाफोड़,

__ यूपी–बिहार सीमा पर 1740 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त, चेकपोस्ट की भूमिका पर सवाल

__  नववर्ष से पहले तस्करों की बड़ी साजिश नाकाम, एक सिपाही की सतर्कता से खुला खेल, उत्पाद चेकपोस्ट से निकलने पर उठे गंभीर प्रश्न

केटी न्यूज/बक्सर

नववर्ष के जश्न को अवैध शराब के सहारे भुनाने की तस्करों की बड़ी साजिश को मुफस्सिल थाना पुलिस ने ऐन वक्त पर नाकाम कर दिया। यूपी–बिहार सीमा पर ईंट लदे ट्रैक्टर की आड़ में छुपाकर लाई जा रही 1740.84 लीटर अंग्रेजी शराब की खेप पकड़े जाने से न सिर्फ शराब माफिया के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि उत्पाद विभाग के चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।यह पूरी कार्रवाई किसी गुप्त सूचना से नहीं, बल्कि एक सिपाही की सतर्क नजर से शुरू हुई। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश से एक ट्रैक्टर पर ईंट लादकर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बिहार लाई जा रही थी।

तस्करों ने इतनी चतुराई से शराब की पेटियों को ईंटों के नीचे छुपाया था कि पहली नजर में यह सामान्य निर्माण सामग्री ढोने वाला वाहन प्रतीत हो रहा था। हैरानी की बात यह है कि यह ट्रैक्टर यूपी–बिहार सीमा स्थित उत्पाद विभाग के चेकपोस्ट से जांच के बाद आगे बढ़ चुका था।मुफस्सिल थाना क्षेत्र में प्रवेश करते ही एक तैनात सिपाही को ट्रैक्टर की बनावट और लोडिंग पर संदेह हुआ। संदेह के आधार पर जब वाहन को रोका गया और गहन तलाशी ली गई, तो ईंटें हटाते ही नीचे शराब की पेटियों का जखीरा सामने आ गया। मौके से ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अन्य तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

गिरफ्तार तस्कर की पहचान औद्योगिक थाना क्षेत्र के छोटकी बसौली निवासी नन्दलेश कुमार के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष शम्भू भगत ने बताया कि जब्त शराब में 180 एमएल की 8 पीएम, ट्रिपल एक्स रम, डार्क रम, 375 एमएल रॉयल स्टेज और 750 एमएल की बोकडी समेत कई नामी ब्रांड शामिल हैं। कुल मिलाकर 1740.84 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की गई है। ट्रैक्टर और शराब दोनों को सीज कर दिया गया है।इस कार्रवाई ने उत्पाद विभाग के चेकपोस्ट पर हुई जांच की गंभीरता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी खेप आखिर किस तरह चेकपोस्ट से पार हो गई।

क्या यह महज लापरवाही है या इसके पीछे किसी अंदरूनी मिलीभगत का खेल है—इस एंगल से भी जांच शुरू कर दी गई है।नववर्ष से ठीक पहले हुई इस बड़ी बरामदगी से शराब माफिया के मंसूबों पर पानी फिर गया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है और जिले में शराब तस्करी के खिलाफ अभियान और तेज किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।