प्रधानमंत्री आवास योजना में पैसे लेने के आरोप से गरमाया मामला

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्की छत की उम्मीद लगाए बैठे मसर्हियां पंचायत के गरीब परिवारों का मंगलवार को उस समय आक्रोश फूट पड़ा, जब पंचायत मुख्यालय पर आयोजित आमसभा में जारी सूची में उन्हें अपना नाम नहीं मिला। वर्षों से आवास की आस लगाए ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पंचायत से लेकर प्रखंड कार्यालय तक विरोध जताया।

प्रधानमंत्री आवास योजना में पैसे लेने के आरोप से गरमाया मामला

__ आवास की सूची में नाम नहीं, फूटा गरीबों का गुस्सा

मसर्हियां पंचायत में चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल, आवास सहायक पर 5 से 7 हजार रुपये लेने का आरोप; जांच और कार्रवाई की मांग

केटी न्यूज/चौगाईं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्की छत की उम्मीद लगाए बैठे मसर्हियां पंचायत के गरीब परिवारों का मंगलवार को उस समय आक्रोश फूट पड़ा, जब पंचायत मुख्यालय पर आयोजित आमसभा में जारी सूची में उन्हें अपना नाम नहीं मिला। वर्षों से आवास की आस लगाए ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पंचायत से लेकर प्रखंड कार्यालय तक विरोध जताया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष लाभार्थियों के प्रखंड परिसर पहुंचने से कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। सूचना मिलते ही डायल 112 और मुरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आवास योजना में कथित वसूली का गंभीर आरोप लगाया।

उनका कहना था कि आवास का लाभ दिलाने के नाम पर आवास सहायक द्वारा कथित तौर पर पांच से सात हजार रुपये तक लिए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि राशि देने के बाद भी जब सूची में नाम नहीं आया तो उनकी नाराजगी और बढ़ गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।फूल कुमारी देवी, लक्ष्मी देवी, बबिता देवी, मीरा देवी, किरण देवी, लाखमुनी देवी, रिंकी देवी, कविता देवी, संगीता देवी, धनजी सिंह, लालबाबू सिंह, मधुसूदन सिंह, नंदजी राम और कुसुम देवी समेत कई लाभार्थियों ने कहा कि वे लंबे समय से पक्के मकान की उम्मीद लगाए हुए हैं। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले इन परिवारों का कहना था कि यदि सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए भी कथित तौर पर पैसे देने पड़ें और इसके बावजूद नाम सूची में नहीं आए तो उनकी परेशानी समझी जा सकती है।

__ एक ही परिवार के कई नाम होने का भी आरोप

ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए दावा किया कि कई जरूरतमंद परिवार सूची से बाहर हैं, जबकि एक ही परिवार के दो-तीन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। कथित रूप से राशि देने वाले लाभार्थियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे शपथ पत्र देकर अपने आरोपों को प्रमाणित करने को तैयार हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

__बीडीओ ने कहा- निर्धारित प्रक्रिया से हुआ चयन

प्रखंड विकास पदाधिकारी संजू कुमारी ने आरोपों से अलग प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है। प्रारंभिक सर्वे में नाम आने के बाद भी पात्रता की बारीकी से जांच की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को पहले ही स्पष्ट रूप से बताया गया था कि आवास दिलाने के नाम पर किसी को एक पैसा नहीं देना है। यदि कोई राशि मांगता है तो तत्काल शिकायत करनी चाहिए। विभाग की ओर से शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर भी उपलब्ध कराया गया है।