वन विभाग की एनओसी ने रोकी डुमरांव आरओबी की रफ्तार, 57.44 करोड़ की परियोजना अधर में

डुमरांव के पश्चिमी रेल फाटक पर बनने वाला बहुप्रतीक्षित रोड ओवरब्रिज (आरओबी) एक बार फिर प्रशासनिक अड़चन का शिकार हो गया है। करीब 57.44 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम पिछले एक माह से पूरी तरह ठप पड़ा है। निर्माण कार्य रुकने की वजह वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का लंबित होना बताया जा रहा है।

वन विभाग की एनओसी ने रोकी डुमरांव आरओबी की रफ्तार, 57.44 करोड़ की परियोजना अधर में

__ तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बावजूद एक माह से बंद है निर्माण कार्य, 2027 तक परियोजना पूरी करने के लक्ष्य पर मंडराया संकट

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव के पश्चिमी रेल फाटक पर बनने वाला बहुप्रतीक्षित रोड ओवरब्रिज (आरओबी) एक बार फिर प्रशासनिक अड़चन का शिकार हो गया है। करीब 57.44 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम पिछले एक माह से पूरी तरह ठप पड़ा है। निर्माण कार्य रुकने की वजह वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का लंबित होना बताया जा रहा है। अनुमति नहीं मिलने के कारण परियोजना का अगला चरण, नाला निर्माण, शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे न केवल निर्माण की रफ्तार थम गई है, बल्कि वर्ष 2027 के अंत तक परियोजना पूरी करने के लक्ष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार, आरओबी निर्माण के कई महत्वपूर्ण तकनीकी चरण पहले ही सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।

कुछ माह पूर्व पुल की मजबूती परखने के लिए 1000 टन भार देकर लोड टेस्ट किया गया था, जिसमें संरचना पूरी तरह मानकों पर खरी उतरी। इसके बाद लोड पाइलिंग का कार्य भी निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया गया। इंजीनियरों के मुताबिक पाइल की भार वहन क्षमता संतोषजनक पाई गई, जिससे परियोजना के अगले चरण का रास्ता साफ हो गया था।निर्माण एजेंसी ने शुरुआती चरण में स्टैंडर्ड पेनिट्रेशन टेस्ट (एसपीटी) के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता और भूमि की क्षमता का आकलन किया। इसके साथ ही सर्वे लेवल निर्धारण, स्थल निरीक्षण तथा नींव की तकनीकी डिजाइन से जुड़े सभी जरूरी कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं। इंजीनियरिंग टीम का कहना है कि पाइलिंग के बाद कंक्रीटिंग और फिर राफ्ट निर्माण किया जाना है, जिससे पूरी संरचना को मजबूती और संतुलन मिलेगा।

लेकिन नाला निर्माण शुरू नहीं होने से पूरी प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है।विभागीय सूत्रों के अनुसार, वन विभाग से एनओसी मिलते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि यदि अनुमति मिलने में और विलंब होता है तो परियोजना की समयसीमा प्रभावित हो सकती है। इससे निर्माण लागत बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।डुमरांव स्टेशन का पश्चिमी रेल फाटक डीडीयू–पटना रेलखंड की सबसे व्यस्त क्रॉसिंगों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन करीब 2200 छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। स्कूली बसों, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी फाटक बंद रहने के दौरान लंबा इंतजार करना पड़ता है। लगातार ट्रेनों के आवागमन के कारण फाटक बार-बार बंद होता है, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग जाता है। कई बार रेल परिचालन भी प्रभावित होता है और ट्रेनों को आउटर पर रुकना पड़ता है।

इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय लोग वर्षों से ओवरब्रिज निर्माण की मांग कर रहे थे। यह मुद्दा कई बार विधानसभा में भी उठ चुका है। जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर अधिकारियों से मिलकर परियोजना में तेजी लाने की मांग की, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था। लेकिन अब एनओसी के अभाव में काम रुक जाने से लोगों में निराशा बढ़ गई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द अनुमति दिलानी चाहिए, ताकि निर्माण कार्य दोबारा गति पकड़ सके। लोगों का मानना है कि आरओबी बन जाने के बाद वर्षों पुरानी जाम की समस्या खत्म होगी और आम लोगों, विद्यार्थियों तथा मरीजों को निर्बाध और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।