954 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने ली सेवा की शपथ, डुमरांव प्रशिक्षण केंद्र में गूंजी कदमताल

डुमरांव स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को आयोजित पासिंग आउट परेड अनुशासन, आत्मविश्वास और महिला सशक्तीकरण का प्रेरक उदाहरण बन गई। 216 कार्यदिवस का कठोर एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद गया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और रोहतास जिला बल की 954 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने औपचारिक रूप से पुलिस सेवा में कदम रखा।

954 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने ली सेवा की शपथ, डुमरांव प्रशिक्षण केंद्र में गूंजी कदमताल

__ 216 कार्यदिवस का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चार जिलों की महिला आरक्षियों का पासिंग आउट, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रशिक्षुओं को किया गया सम्मानित

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को आयोजित पासिंग आउट परेड अनुशासन, आत्मविश्वास और महिला सशक्तीकरण का प्रेरक उदाहरण बन गई। 216 कार्यदिवस का कठोर एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद गया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और रोहतास जिला बल की 954 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने औपचारिक रूप से पुलिस सेवा में कदम रखा। आकर्षक परेड और उत्कृष्ट प्रशिक्षण कौशल के प्रदर्शन ने उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।परेड के मुख्य अतिथि पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (एमपीटीसी) के प्राचार्य शैशव यादव ने सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षु महिला सिपाहियों की अनुशासनप्रियता, मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षण की यह सफलता उनके पेशेवर जीवन की नई शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और निष्पक्ष सेवा का दायित्व भी है। उन्होंने सभी नवप्रशिक्षित महिला सिपाहियों से ईमानदारी, मानवता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।समारोह के दौरान प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने कदमताल, शस्त्र संचालन, ड्रिल और अन्य प्रशिक्षण गतिविधियों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी एकरूपता, आत्मविश्वास और पेशेवर दक्षता ने यह संदेश दिया कि वे हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। परेड के दौरान मौजूद अधिकारियों ने भी प्रशिक्षुओं के प्रदर्शन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।कार्यक्रम में बीएसएपी के कमांडेंट राकेश कुमार, डीएसपी प्रिया ज्योति, सीनियर इंस्पेक्टर विश्व रंजन सिंह, सर्वेश्वर नाथ दुबे तथा सब इंस्पेक्टर राम अयोध्या सहित कई वरीय पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ महिला एवं बाल सुरक्षा, सामाजिक अपराधों की रोकथाम और जनविश्वास मजबूत करने में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।समारोह के अंत में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला सिपाहियों को प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया। पासिंग आउट परेड के साथ ही सभी 954 प्रशिक्षु महिला सिपाहियां अब अपने-अपने जिला बल में योगदान देने के लिए तैयार हैं। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षित महिला आरक्षियों की यह नई खेप पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील तथा जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।