डुमरांव में किरायेदारों का नहीं हो रहा है सत्यापन, उदासीनता पड़ सकती है भारी

डुमरांव में किरायेदारों के सत्यापन का फरमान सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह गया है। जिस कारण चंद रूपयों के लालच में मकान मालिक बिना किरायेनाम का एग्रीमेंट व किरायेदार के पहचान पत्र, आधार कार्ड आदि लिए उन्हें किरायेदार बना ले रहे है। पुलिस के पास भी ऐसे किराएदारों की सूची नहीं है, जो बाहर से आकर यहां रहते है।

डुमरांव में किरायेदारों का नहीं हो रहा है सत्यापन, उदासीनता पड़ सकती है भारी

-- पूर्व में किरायेदार के रूप में अपराधियों के शरण लेने की हो चुकी है पुष्टि, चंद रूपयों के लालच में मकान मालिक नहीं करते है नियमों का पालन

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव में किरायेदारों के सत्यापन का फरमान सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह गया है। जिस कारण चंद रूपयों के लालच में मकान मालिक बिना किरायेनाम का एग्रीमेंट व किरायेदार के पहचान पत्र, आधार कार्ड आदि लिए उन्हें किरायेदार बना ले रहे है। पुलिस के पास भी ऐसे किराएदारों की सूची नहीं है, जो बाहर से आकर यहां रहते है। जबकि पूर्व में कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी है, जिसमें किरायेदार बन दुर्दांत अपराधी शरण लेते है तथा मौका मिलते ही अपराधिक घटनाओं को अंजाम देते है। बता दें कि रविवार को नगर के वार्ड 18 स्थित बिजली ऑफिस के दक्षिण बने नई कॉलोनी में एक युवक शराब पीकर हंगामा मचा रहा था, जिसकी सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम ने उसे पकड़ स्थानीय थाने के हवाले किया।

इस दौरान आस-पास के लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से यहां रह रहा था तथा अक्सर शराब पीकर गाली-गलौज करता था। इसके पहले भी शहर के टेक्सटाईल कॉलोनी में फेरीवाले बन किराये पर रहने वाले छिनतई गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था, जबकि पूर्व में कोरानसराय थाने में छिनतई की एक घटना के दौरान गिरफ्तार हुआ कोढ़ा गिरोह का उचक्का नावानगर में पूरे गिरोह के साथ किराये पर रहता था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके किराये वाले रूप से एक बाइक भी बरामद किया था, हालांकि, उसके अन्य साथी फरार हो गए थे, जबकि मकान मालिक के पास उनका आईडी कार्ड तक मौजूद नहीं था।

बता दें कि पूर्व की घटनाओं के बाद प्रशासन ने निर्देश दिया था कि किरायेदारों का पूरा बायोडाटा, पहचान पत्र तथा बजाप्ते किरायेनामा मकान मालिक को रखना है तथा किरायेदार की जानकारी भी पुलिस को देनी है। यही नियम होटल में कमरा लेकर ठहरने वालों के लिए भी बनाया गया था, लेकिन कुछ दिनों की सख्ती के बाद लंबी सुस्ती से एक बार फिर से चंद रूपयों के लिए मकान मालिक किसी को भी किराये पर रख ले रहे है। जिससे कई सवाल खड़े हो रहे है। पुलिस-प्रशासन की यह उदासीनता शहर में अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था की राह में रोड़ा बन सकती है।

बयान

डुमरांव में किरायेदारों के सत्यापन के लिए अनुमंडल प्रशासन से मिल जल्द ही एक सर्कुलर निकलवाया जाएगा। किरायेदारों के लिए सख्त नियम व उनकी आईडी कार्ड मकान मालिक के पास होना अनिवार्य होना चाहिए, इसका उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। - पोलस्त कुमार, एसडीपीओ, डुमरांव