धर्म की रक्षा के लिए भगवान धरती पर लेते हैं अवतार : मधुसूदन जी महाराज

प्रखंड के रामपुर गांव में आयोजित साप्ताहिक श्रीराम कथा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के तीसरे दिन बुधवार को कोलकाता से पधारे कथावाचक पंडित मधुसूदन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण एवं विस्तारपूर्वक वर्णन किया।

धर्म की रक्षा के लिए भगवान धरती पर लेते हैं अवतार : मधुसूदन जी महाराज

केटी न्यूज/केसठ।

प्रखंड के रामपुर गांव में आयोजित साप्ताहिक श्रीराम कथा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के तीसरे दिन बुधवार को कोलकाता से पधारे कथावाचक पंडित मधुसूदन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण एवं विस्तारपूर्वक वर्णन किया।कथावाचन के दौरान उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान स्वयं पृथ्वी पर अवतार लेकर धर्म की रक्षा और उसकी पुनर्स्थापना करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाली दिव्य कथा है।

महाराज ने बताया कि श्रीराम कथा का श्रवण स्वयं भगवान शिव ने माता पार्वती को कराया था, जिससे इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य श्रीराम कथा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना है। इसी भावना से वे विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क कथा का वाचन करते हैं, ताकि समाज के अधिक से अधिक लोग भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बना सकें।श्रीराम कथा महोत्सव के व्यवस्थापक अजय बच्चन ने बताया कि कथा का समापन 12 जुलाई को होगा। कथा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर है तथा प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।