ग्रामीण विकास योजनाओं में सुस्ती पर डीएम सख्त, बक्सर व चौसा के अधिकारियों से मांगा जवाब
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मनरेगा, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान और आवास योजना की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया गया।

__ मनरेगा, आवास, स्वच्छता और वृक्षारोपण की समीक्षा में फिसड्डी प्रखंडों पर कार्रवाई के निर्देश, 15 दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने की चेतावनी
केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मनरेगा, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान और आवास योजना की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया गया। समीक्षा के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।मनरेगा के तहत सृजित मानव दिवस की समीक्षा के दौरान बक्सर प्रखंड में 72 प्रतिशत तथा चौसा प्रखंड में 72.31 प्रतिशत उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों प्रखंडों के संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जॉब कार्डधारियों के ई-केवाईसी की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बक्सर और राजपुर प्रखंड में केवल 84 प्रतिशत उपलब्धि मिलने पर संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों से कारण पूछने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मनरेगा और आवास योजना सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाएं हैं, इसलिए इनके सभी लंबित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित वृक्षारोपण अभियान को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को पौधों की प्रजाति के अनुसार लाभुकों का चयन करने, पौधों की आवश्यकता का सही आकलन करने तथा लाभुकों को पूर्व प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सुनियोजित तैयारी से ही वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाया जा सकता है।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रत्येक प्रखंड में कम से कम एक ग्रामीण हाट की योजना का चयन कर आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण हाट स्थानीय उत्पादों के विपणन का प्रभावी माध्यम बनेंगे और ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएंगे।आवास योजना की समीक्षा के दौरान तीसरी किस्त प्राप्त कर चुके लाभुकों के अधूरे आवासों को शीघ्र पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना के लंबित मामलों को भी समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में निर्मित सभी सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण कर उन्हें पूरी तरह क्रियाशील बनाने का निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिया।

उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बंद पड़े हैं, उन्हें तत्काल चालू कराया जाए ताकि ग्रामीणों को स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सके।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रखंड स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में आवश्यक योजनाओं का चयन कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के धरातल पर बेहतर परिणाम ही प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में सहायक समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

