व्यावसायिक मर्यादा ही वकालत की पहचान, अधिवक्ताओं को दिए गए नैतिक आचरण के मंत्र

बक्सर सिविल कोर्ट परिसर स्थित जिला बार एसोसिएशन के नए सभागार में मंगलवार को अधिवक्ताओं के व्यावसायिक आचरण एवं शिष्टाचार को लेकर एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। पटना उच्च न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं को न्यायिक मर्यादा, नैतिक मूल्यों और पेशेवर जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।

व्यावसायिक मर्यादा ही वकालत की पहचान, अधिवक्ताओं को दिए गए नैतिक आचरण के मंत्र

__ बक्सर सिविल कोर्ट में ‘अधिवक्ताओं के व्यावसायिक आचरण एवं शिष्टाचार’ पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर सिविल कोर्ट परिसर स्थित जिला बार एसोसिएशन के नए सभागार में मंगलवार को अधिवक्ताओं के व्यावसायिक आचरण एवं शिष्टाचार को लेकर एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। पटना उच्च न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं को न्यायिक मर्यादा, नैतिक मूल्यों और पेशेवर जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।कार्यक्रम बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स के भाग छह, अध्याय-दो के अंतर्गत निर्धारित “अधिवक्ताओं के व्यावसायिक आचरण और शिष्टाचार के मानक” विषय पर केंद्रित रहा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के पत्र संख्या 615/2026 के आलोक में आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों के बीच पेशेवर अनुशासन और नैतिकता को मजबूत करना था।कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के सचिव (प्रभारी) महेश्वर नाथ पाण्डेय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन, बक्सर के अध्यक्ष एवं सचिव ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि न्यायपालिका के प्रति आमजन का विश्वास बनाए रखने में अधिवक्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक अधिवक्ता का व्यवहार केवल उसके व्यक्तित्व का परिचय नहीं देता, बल्कि न्याय व्यवस्था की गरिमा को भी प्रभावित करता है।

संगोष्ठी में विशेष रूप से प्रतिनियुक्त पैनल अधिवक्ता विद्या सागर तिवारी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स की धारा 49(1)(सी) के तहत निर्धारित नियमों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को न्यायालय, मुवक्किल, विपक्षी अधिवक्ता और समाज के प्रति संतुलित एवं मर्यादित व्यवहार बनाए रखना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को पेशे की गरिमा बनाए रखते हुए सत्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य करने का संदेश दिया।वहीं, पैरा लीगल वालंटियर ब्रजेश कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से संचालित विधिक जागरूकता अभियानों की जानकारी देते हुए कहा कि आम लोगों तक न्याय और विधिक सहायता पहुंचाने में प्राधिकार की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने ग्रामीण स्तर तक कानूनी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ताओं ने भाग लिया और विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं। पूरे आयोजन के दौरान न्यायिक मर्यादा, पेशेवर नैतिकता और अधिवक्ताओं की जिम्मेदारियों पर गंभीर चर्चा हुई। अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, अधिवक्ताओं एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की गई।