श्रम अधिकार दिवस पर गूंजा जागरूकता का संदेश, 136 पंचायतों के श्रमिक बने बदलाव के दूत

जिले में श्रम अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम जागरूकता और सहभागिता का सशक्त मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी साहिला एवं अपर समाहर्त्ता अरुण कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण योजनाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई तथा उन्हें योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

श्रम अधिकार दिवस पर गूंजा जागरूकता का संदेश, 136 पंचायतों के श्रमिक बने बदलाव के दूत

__  जिलाधिकारी साहिला व अपर समाहर्त्ता अरुण कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ, श्रमिक कल्याण योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में श्रम अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम जागरूकता और सहभागिता का सशक्त मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी साहिला एवं अपर समाहर्त्ता अरुण कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण योजनाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई तथा उन्हें योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक बक्सर, प्रभारी जिला नियोजन पदाधिकारी बक्सर, सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि सहित जिले की 136 पंचायतों से आए एक-एक श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

यह उपस्थिति इस बात का संकेत थी कि प्रशासन और श्रमिकों के बीच संवाद की एक नई पहल शुरू हो चुकी है।जिलाधिकारी साहिला ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमिक समाज की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाएं तथा अपने आसपास के मजदूरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।अपर समाहर्त्ता अरुण कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिकों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

इन योजनाओं का उद्देश्य न सिर्फ श्रमिकों को आर्थिक सहायता देना है, बल्कि उनके परिवारों को भी सुरक्षा कवच प्रदान करना है।कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार पंजीकरण कर श्रमिक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। प्रवासी श्रमिकों के लिए उपलब्ध सहायता, दुर्घटना बीमा, मातृत्व लाभ, शिक्षा सहायता जैसी योजनाओं पर विशेष प्रकाश डाला गया।इस आयोजन की खास बात यह रही कि जिले की सभी 136 पंचायतों से आए श्रमिक प्रतिनिधियों को जागरूकता दूत की भूमिका सौंपी गई। वे अपने-अपने पंचायतों में जाकर अन्य मजदूरों के बीच योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सुविधाओं से जुड़ सकें।

मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से श्रमिकों में विश्वास बढ़ता है। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार संवाद और सहयोग की परंपरा जारी रहेगी।श्रम अधिकार दिवस का यह आयोजन न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता और जागरूकता का सशक्त संदेश बनकर सामने आया। प्रशासन और श्रमिकों की साझा पहल से जिले में श्रम कल्याण योजनाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।