हेलमेट की अनदेखी पड़ी भारी, चौसा में दो सड़क हादसों में महिला समेत दो जख्मी
चौसा क्षेत्र में मंगलवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हेलमेट की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए। तेज रफ्तार, लापरवाही और धूलभरी सड़कों ने महिला समेत दो लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया। गनीमत रही कि दोनों की जान बच गई, लेकिन हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।


केटी न्यूज/चौसा
चौसा क्षेत्र में मंगलवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हेलमेट की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए। तेज रफ्तार, लापरवाही और धूलभरी सड़कों ने महिला समेत दो लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया। गनीमत रही कि दोनों की जान बच गई, लेकिन हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।पहला हादसा चौसा-बक्सर मुख्य मार्ग पर महादेवा स्थित ब्रह्मस्थान के समीप हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक सामने आए साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में बाइक चालक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सड़क पर पलट गई।

हादसे में बाइक चालक को हल्की चोटें आईं, जबकि बाइक पर पीछे बैठी 35 वर्षीय पार्वती देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया गया।घायल महिला राजपुर थाना क्षेत्र के सरेंजा गांव निवासी लालबाबू राम की पत्नी बताई गई हैं। परिजनों के अनुसार, वह एक परिचित के साथ अपने मायके पुलिया गांव जा रही थीं, तभी रास्ते में यह दुर्घटना हो गई।वहीं दूसरी घटना राजपुर थाना क्षेत्र के सोनपा गांव के पास हुई, जहां 24 वर्षीय विशाल कुमार धूलभरी सड़क पर बाइक से नियंत्रण खो बैठा।

बाइक पलटने से उसके चेहरे और सिर में गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने तत्काल उसे चौसा सीएचसी पहुंचाया। घायल युवक सोनपा गांव निवासी शिवशंकर राय का पुत्र बताया गया है। वह उत्तर प्रदेश से लौट रहा था।दोनों हादसों में एक समान बात यह रही कि बाइक चालक हेलमेट नहीं पहने थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हेलमेट का उपयोग किया जाता तो चोटों की गंभीरता काफी कम हो सकती थी। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे प्रशासन और लोगों दोनों के लिए चेतावनी बनते जा रहे हैं।

