भीषण गर्मी के चलते बक्सर में 8वीं तक की कक्षाएं 31 मई तक बंद

जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। जिला दण्डाधिकारी साहिला ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत आदेश जारी करते हुए बक्सर जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में वर्ग 01 से 08 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 31 मई तक पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है।

भीषण गर्मी के चलते बक्सर में 8वीं तक की कक्षाएं 31 मई तक बंद

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। जिला दण्डाधिकारी साहिला ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत आदेश जारी करते हुए बक्सर जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में वर्ग 01 से 08 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 31 मई तक पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 19 मई से प्रभावी होगा।प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में दोपहर के समय भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।इससे पहले जिला विधि शाखा के ज्ञापांक 264/न्या०, दिनांक 16 मई के तहत जिले के सभी निजी एवं सरकारी विद्यालयों में पूर्वाह्न 11:30 बजे के बाद 8वीं कक्षा तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। अब बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने आदेश को और सख्त करते हुए वर्ग 01 से 08 तक की सभी कक्षाओं के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्ग 08 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन जारी रहेगा, लेकिन उनकी पढ़ाई पूर्वाह्न 11 बजे तक ही संचालित की जाएगी। सभी विद्यालय प्रबंधन को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने दें तथा पर्याप्त पानी, हल्का भोजन और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने पर ध्यान दें। जिला प्रशासन द्वारा कहा गया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।