फरियादियों की चौखट तक पहुंचा राजस्व समाधान, जनता दरबार में निपटाए गए भूमि विवाद

राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर डुमरांव अंचल कार्यालय में शनिवार को आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। राजस्व अधिकारी कुमार दिनेश की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में जमीन विवाद, दाखिल-खारिज समेत करीब आधा दर्जन मामलों पर सुनवाई हुई।

फरियादियों की चौखट तक पहुंचा राजस्व समाधान, जनता दरबार में निपटाए गए भूमि विवाद

__ दाखिल-खारिज समेत आधा दर्जन मामलों की हुई सुनवाई, संबंधित कर्मियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश

केटी न्यूज/डुमरांव।

राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर डुमरांव अंचल कार्यालय में शनिवार को आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। राजस्व अधिकारी कुमार दिनेश की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में जमीन विवाद, दाखिल-खारिज समेत करीब आधा दर्जन मामलों पर सुनवाई हुई। विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने अपनी-अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं और मामलों के निष्पादन की गुहार लगाई।जनता दरबार में माजिद मियां, मोहम्मद बबलू, लालू कुमार यादव, सोनू खान, मतेंद्र उपाध्याय समेत अन्य फरियादियों ने राजस्व से जुड़े मामलों को लेकर आवेदन सौंपे।

सुनवाई के दौरान राजस्व अधिकारी ने फरियादियों की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया।जनता दरबार में पुलिस की मौजूदगी भी रही। डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा और नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने भी मामलों की सुनवाई के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस प्रशासन के समन्वय से विवादों के समाधान की दिशा में पहल किए जाने की बात कही गई।

राजस्व अधिकारी कुमार दिनेश ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों को राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर लगाने से बचाना है। नियमित सुनवाई के माध्यम से शिकायतों का पारदर्शी और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कर्मियों को निर्देश दिया कि मामलों की जांच में अनावश्यक विलंब न हो और फरियादियों को नियमानुसार त्वरित राहत उपलब्ध कराई जाए।