पंचायत विकास दिवस पर गांव की चौपाल में गूंजा विकास का एजेंडा

गांव के विकास की प्राथमिकताएं अब सिर्फ पंचायत कार्यालयों की फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगी। रविवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस के तहत आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों के बीच विकास के मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। पंचायती राज विभाग के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय जरूरतों, मौजूदा योजनाओं और आगामी विकास कार्यों को लेकर जनचर्चा की गई।

पंचायत विकास दिवस पर गांव की चौपाल में गूंजा विकास का एजेंडा

__ ग्राम सभाओं में जरूरतों और प्राथमिकताओं पर खुली चर्चा, जनभागीदारी से तय होगी पंचायतों के विकास की दिशा

केटी न्यूज/बक्सर।

गांव के विकास की प्राथमिकताएं अब सिर्फ पंचायत कार्यालयों की फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगी। रविवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस के तहत आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों के बीच विकास के मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। पंचायती राज विभाग के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय जरूरतों, मौजूदा योजनाओं और आगामी विकास कार्यों को लेकर जनचर्चा की गई। ग्रामीणों से सुझाव लेकर पंचायतों की विकास कार्ययोजना को अधिक सहभागी और जरूरत आधारित बनाने पर जोर दिया गया।पंचायत विकास दिवस के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा आयोजित की गई। इसमें पंचायत क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को सामने रखते हुए संचालित विकास योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।

इसके अलावा गांवों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे।ग्राम सभाओं में सड़क और नाली, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा समेत आम लोगों से सीधे जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। ग्रामीणों की स्थानीय समस्याओं और अपेक्षाओं को सुनते हुए आगामी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की पहल की गई। इससे पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता देने का रास्ता तैयार होगा।

__ हर माह अंतिम रविवार को होगा आयोजन

पंचायती राज विभाग की ओर से प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस आयोजित करने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से जनसंवाद स्थापित करना और विकास योजनाओं के निर्धारण में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाना है। ग्राम सभा को इसके लिए प्रमुख मंच बनाया गया है, जहां ग्रामीण अपनी जरूरतों, समस्याओं और सुझावों को सीधे पंचायत स्तर पर रख सकते हैं।

__ जवाबदेही और जनभागीदारी पर जोर

पंचायत विकास दिवस का मकसद केवल योजनाओं की सूची तैयार करना नहीं, बल्कि गांव के विकास को सहभागी और जवाबदेह व्यवस्था से जोड़ना है। स्थानीय लोगों की भागीदारी से विकास की प्राथमिकताएं तय होने पर योजनाओं को जमीनी जरूरतों के अनुरूप लागू करने में मदद मिलेगी। साथ ही पंचायतों के सतत विकास की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।जिला प्रशासन ने पंचायत विकास दिवस के दौरान ग्राम सभाओं में प्राप्त सुझावों और प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को दिया है। साथ ही स्वीकृत योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विकास कार्यों की गति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।