ध्यान की साधना से तनाव पर लगाम, सकारात्मक सोच का दिया मंत्र
भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी के बीच मानसिक शांति और सकारात्मक सोच का संदेश लेकर रविवार को डुमरांव में सहजयोग परिवार की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नगर में निकाली गई शोभायात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष साधकों और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।


__ सहजयोग परिवार की शोभायात्रा में उमड़ा उत्साह, नगर भ्रमण के बाद साधकों ने सीखा ध्यान और कुण्डलिनी जागरण का अभ्यास
केटी न्यूज/डुमरांव।
भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी के बीच मानसिक शांति और सकारात्मक सोच का संदेश लेकर रविवार को डुमरांव में सहजयोग परिवार की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नगर में निकाली गई शोभायात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष साधकों और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती शोभायात्रा के दौरान सहजयोग, ध्यान और आत्मिक शांति से जुड़े संदेश लोगों के बीच पहुंचाए गए।शोभायात्रा के बाद नगर भवन के सभागार में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां प्रतिभागियों को सहजयोग और ध्यान की विभिन्न विधियों की जानकारी देने के साथ उनका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

विशेषज्ञों ने परम पूज्य माता श्री निर्मला देवी द्वारा बताए गए सहजयोग और कुण्डलिनी जागरण की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। प्रतिभागियों को बताया गया कि नियमित ध्यान और योगाभ्यास के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर की ऊर्जा एवं चेतना को महसूस करने के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आत्मसाक्षात्कार की खोज भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। प्राचीन समय में साधु-संत इसके लिए वर्षों तक तपस्या किया करते थे। सहजयोग परिवार के अनुसार, माता श्री निर्मला देवी ने आधुनिक जीवनशैली के बीच आत्मसाक्षात्कार की प्रक्रिया को सहज और सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

विशेषज्ञों ने ध्यान के दौरान मन को एकाग्र रखने, नियमित अभ्यास करने और दैनिक जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के तरीके भी बताए। उन्होंने कहा कि लगातार तनाव और मानसिक दबाव के बीच ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बनाना व्यक्ति को मानसिक रूप से संतुलित रहने में सहायक हो सकता है। साथ ही एकाग्रता, कार्यक्षमता और सकारात्मक सोच को विकसित करने से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम में जीवन प्रबंधन से जुड़े कई व्यावहारिक सूत्र भी साझा किए गए। उपस्थित महिला-पुरुष प्रतिभागियों ने सहजयोग की विभिन्न प्रक्रियाओं का अभ्यास किया और ध्यान के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव करने का प्रयास किया। आयोजकों ने कहा कि सहजयोग का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक जागरूकता के साथ संतुलित और बेहतर जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है। कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों की सहभागिता रही।

