चौसा नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था पर सवाल, डस्टबीन खरीद में गड़बड़ी के आरोप तेज

चौसा नगर पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए खरीदे गए डस्टबीन महज एक साल के भीतर ही खराब हो जाने से सरकारी धन के उपयोग और कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

चौसा नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था पर सवाल, डस्टबीन खरीद में गड़बड़ी के आरोप तेज

__ एक साल में ही खराब हुए महंगे डस्टबीन, दोबारा खरीद पर उठे पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रश्न

केटी न्यूज/चौसा

चौसा नगर पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए खरीदे गए डस्टबीन महज एक साल के भीतर ही खराब हो जाने से सरकारी धन के उपयोग और कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।जानकारी के मुताबिक, करीब एक वर्ष पहले नगर पंचायत द्वारा स्वच्छता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लगभग 50 जोड़ी बड़े डस्टबीन खरीदे गए थे। प्रत्येक डस्टबीन की कीमत लगभग 8 हजार रुपये बताई जाती है। इन डस्टबीन पर पांच वर्ष की वारंटी होने का दावा भी किया गया था, लेकिन स्थिति यह है कि अधिकांश डस्टबीन एक साल के भीतर ही टूट-फूट कर बेकार हो गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई डस्टबीन अब उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। कुछ डस्टबीन कबाड़ की दुकानों में पहुंच गए, जबकि कई खुले में फेंके हुए नजर आ रहे हैं। इससे न सिर्फ नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि यह भी चर्चा है कि खरीद में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।इसी बीच नगर पंचायत द्वारा एक बार फिर नए डस्टबीन की खरीद की गई है। इस बार स्टील के लगभग 100 डस्टबीन लगाए जा रहे हैं। इस खरीद पर लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक खर्च होने की बात कही जा रही है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब पहले खरीदे गए डस्टबीन वारंटी अवधि के भीतर ही खराब हो गए, तो संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पहले चरण में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया होता, तो दोबारा इतनी बड़ी राशि खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।वहीं, इस मामले में नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी ने बताया कि जरूरत के अनुसार नए डस्टबीन खरीदे गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुराने डस्टबीन कहीं फेंके गए हैं, तो उन्हें भी दोबारा उपयोग में लाने का प्रयास किया जाएगा।फिलहाल, डस्टबीन खरीद और उनकी गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने नगर पंचायत की पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।