सरकारी कामकाज में सरल हिंदी को मिले बढ़ावा, आम लोगों से संवाद बने आसान

हिंदी सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाली भाषा है। सरकारी कामकाज में जब भाषा सरल और सहज होगी, तभी आम लोगों के लिए योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझना आसान होगा।

सरकारी कामकाज में सरल हिंदी को मिले बढ़ावा, आम लोगों से संवाद बने आसान

__ हिंदी दिवस पर समाहरणालय में संगोष्ठी, डीएम ने कहा—भाषा के साथ संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की भी पहचान है हिंदी

केटी न्यूज/बक्सर।

हिंदी सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाली भाषा है। सरकारी कामकाज में जब भाषा सरल और सहज होगी, तभी आम लोगों के लिए योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझना आसान होगा। हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय संगोष्ठी में जिलाधिकारी साहिला ने अधिकारियों और कर्मियों को इसी दिशा में कार्य करने का संदेश दिया।‘हिंदी हमारी पहचान, हमारी शान’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हिंदी जन-जन से जुड़ी भाषा है और इसमें देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक मिलती है।

उन्होंने जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों से सरकारी कार्यों में अधिक से अधिक सरल, सहज और सुबोध हिंदी के प्रयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में इस्तेमाल होने वाली भाषा ऐसी होनी चाहिए, जिसे आम नागरिक बिना किसी कठिनाई के समझ सकें। इससे प्रशासन और जनता के बीच संवाद और अधिक प्रभावी बनेगा।डीएम ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में हिंदी की उपयोगिता कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हिंदी का विस्तार इसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। तकनीक के साथ कदमताल करते हुए हिंदी को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

संगोष्ठी के दौरान उप विकास आयुक्त ने नारी सशक्तिकरण और महिला सम्मान विषय पर अपनी स्वरचित कविता का भावपूर्ण पाठ किया। कविता के माध्यम से उन्होंने महिलाओं की प्रतिभा, आत्मनिर्भरता, समान अधिकार और समाज के विकास में उनकी भूमिका को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। कविता पाठ ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मियों को भावनात्मक रूप से जोड़ा।कार्यक्रम में अपर समाहर्ता बक्सर, अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। संगोष्ठी के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग का संदेश दिया गया।