ऑनलाइन पंजीयन ने रोकी दिव्यांग बच्चों की जांच, शिविर से बैरंग लौटे 25 बच्चे
दिव्यांग बच्चों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने के लिए आयोजित मूल्यांकन सह जांच शिविर में सोमवार को तकनीकी व्यवस्था ही बड़ी बाधा बन गई। स्थानीय प्रखंड संसाधन केंद्र में बिहार शिक्षा परियोजना, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित शिविर में 6 से 18 आयु वर्ग के करीब 25 दिव्यांग बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे थे।

__ सर्वर डाउन रहने से नहीं हो सका पंजीयन, एक बच्ची को मिला प्रमाण पत्र तो एक बच्चे को पटना रेफर किया गया
केटी न्यूज/चौगाईं।
दिव्यांग बच्चों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने के लिए आयोजित मूल्यांकन सह जांच शिविर में सोमवार को तकनीकी व्यवस्था ही बड़ी बाधा बन गई। स्थानीय प्रखंड संसाधन केंद्र में बिहार शिक्षा परियोजना, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित शिविर में 6 से 18 आयु वर्ग के करीब 25 दिव्यांग बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे थे। लेकिन सर्वर डाउन रहने के कारण ऑनलाइन पंजीयन नहीं हो सका। नतीजतन अधिकांश बच्चों की जांच नहीं हो पाई और उन्हें बिना प्रमाण पत्र के ही वापस लौटना पड़ा।शिविर में दूर-दराज के गांवों से पहुंचे बच्चों और उनके अभिभावकों को काफी देर तक ऑनलाइन व्यवस्था बहाल होने का इंतजार करना पड़ा।

हालांकि, पूर्व से ऑनलाइन पंजीयन करा चुकी एक दृष्टिबाधित बच्ची की जांच की गई और उसे प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। वहीं, जांच के दौरान एक मानसिक मंद बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर चिकित्सकीय परीक्षण के लिए पटना रेफर किया गया।संसाधन शिक्षक राजकुमार तिवारी ने बताया कि शिविर में जांच के दौरान 18 बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिह्नित किया गया है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन बच्चों को संबंधित सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सर्वर की समस्या के कारण जिन बच्चों का मूल्यांकन नहीं हो सका, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। 25 सितंबर तक जिले के सभी प्रखंडों में मूल्यांकन सह जांच शिविर पूरा होने के बाद वंचित बच्चों का ऑनलाइन पंजीयन कराकर उन्हें जिला मुख्यालय में बुलाया जाएगा। वहां उनकी जांच कर प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा जयप्रकाश सिंह, आनंद मिश्रा, राहुल कुमार गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे।

