राहुल गांधी से कथित दुर्व्यवहार और छात्र मुद्दों पर कांग्रेस का कैंडल मार्च, लोकतंत्र की रक्षा का लिया संकल्प

प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी एवं अन्य विपक्षी सांसदों के साथ दिल्ली में हुए कथित दुर्व्यवहार तथा छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर बक्सर जिला कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ और जिला कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को बक्सर शहर के भगत सिंह चौक पर विरोध प्रदर्शन एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया।

राहुल गांधी से कथित दुर्व्यवहार और छात्र मुद्दों पर कांग्रेस का कैंडल मार्च, लोकतंत्र की रक्षा का लिया संकल्प

__ भगत सिंह चौक से निकाला गया शांतिपूर्ण मार्च, कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

केटी न्यूज/डुमरांव

प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी एवं अन्य विपक्षी सांसदों के साथ दिल्ली में हुए कथित दुर्व्यवहार तथा छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर बक्सर जिला कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ और जिला कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को बक्सर शहर के भगत सिंह चौक पर विरोध प्रदर्शन एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनोद कुशवाहा और जिला कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संजय पांडे ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम की शुरुआत शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने लोकतंत्र, संविधान तथा छात्रों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। हाथों में मोमबत्तियां लेकर निकाले गए शांतिपूर्ण मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, युवाओं, किसानों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है तथा विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर जवाबदेही से बच रही है। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान और विपक्ष की आवाज की रक्षा लोकतांत्रिक परंपराओं का मूल आधार है।बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य डॉ. मनोज पांडे ने कहा कि अपने चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई सरकारें और राजनीतिक परिस्थितियां देखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों, किसानों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे जनहित के मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य डॉ. प्रमोद ओझा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान की मर्यादा और असहमति के अधिकार का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहेगी।कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता भोला ओझा, संजय कुमार दुबे, महिमा उपाध्याय, रविंद्र राय, राकेश कुमार राय, ललन प्रसाद, यतींद्र गुप्ता, बिजेंदर गिरी, जय राम राम, वीरेंद्र राम, विनोद सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान, युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लेते हुए शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च संपन्न किया।