दुष्कर्म कांड: एफआईआर के तीसरे दिन भी मुख्य आरोपित बीरेंद्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर
कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी मध्य विद्यालय की नाबालिग पूर्व छात्रा से दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन एफआईआर दर्ज होने के तीसरे दिन भी मामले का मुख्य आरोपित शिक्षक बीरेंद्र प्रसाद पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

__ एफआईआर के तीसरे दिन भी मुख्य आरोपित बीरेंद्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर
अरविंद की गिरफ्तारी के बाद मोबाइल बरामद, होटल में बनाए गए कथित वीडियो की जांच में अहम कड़ी बनेगा डिवाइस; विद्यालय में अब भी पसरा है भय और शर्म का माहौल
केटी न्यूज/डुमरांव
कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी मध्य विद्यालय की नाबालिग पूर्व छात्रा से दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन एफआईआर दर्ज होने के तीसरे दिन भी मामले का मुख्य आरोपित शिक्षक बीरेंद्र प्रसाद पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फरार आरोपित के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है और उसे शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।इस मामले में मुख्य आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। पुलिस ने अरविंद का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।

सूत्रों के अनुसार, इसी मोबाइल में नाबालिग छात्रा के साथ एक होटल में कथित दुष्कर्म से संबंधित वीडियो मौजूद है। पुलिस अब बरामद मोबाइल की तकनीकी जांच और उसमें मौजूद डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है। जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि यह मोबाइल पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अरविंद कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब बीरेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस की लगातार दबिश के बावजूद उसके हाथ नहीं लगने से जांच पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।

__उद्भेदन के बाद भी सामान्य नहीं हुआ विद्यालय का माहौल
घटना का खुलासा होने के बाद से संबंधित सरकारी मध्य विद्यालय में पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित हुआ है। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बीच भय और असहजता का माहौल बताया जा रहा है। वहीं, विद्यालय के शिक्षक भी इस घटना से शर्मसार और असहज नजर आ रहे हैं। गांव में घटना और आरोपित शिक्षकों के कथित कृत्यों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की परतें खुलने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को आरोपित शिक्षकों के अन्य लड़कियों से कथित संबंधों के संबंध में भी कुछ इनपुट मिले हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस फिलहाल इस संबंध में कुछ भी बताने से परहेज कर रही है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। फरार आरोपित बीरेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है।

