शिक्षक दिवस पर अनुसूचित जाति की बेटियों को बांटी गई कलम-कॉपी व मिठाई

शिक्षक दिवस के अवसर पर मां शांति देवी पूर्व प्रधानाध्यापिका स्मृति संस्थान, केसठ की ओर से शिक्षा और सामाजिक समानता को लेकर प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह उर्फ पप्पू यादव, पूर्व प्रत्याशी राजद, डुमरांव विधानसभा क्षेत्र के नेतृत्व में अनुसूचित जाति की छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलम, कॉपी और मिठाई वितरित की गई।

शिक्षक दिवस पर अनुसूचित जाति की बेटियों को बांटी गई कलम-कॉपी व मिठाई

__शिक्षकों को सम्मानित कर शिक्षा और सामाजिक समानता का दिया संदेश

केटी न्यूज/केसठ। 

शिक्षक दिवस के अवसर पर मां शांति देवी पूर्व प्रधानाध्यापिका स्मृति संस्थान, केसठ की ओर से शिक्षा और सामाजिक समानता को लेकर प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह उर्फ पप्पू यादव, पूर्व प्रत्याशी राजद, डुमरांव विधानसभा क्षेत्र के नेतृत्व में अनुसूचित जाति की छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलम, कॉपी और मिठाई वितरित की गई।इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। मिडिल स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार सिंह, मध्य विद्यालय केसठ के शिक्षक मुन्ना प्रसाद, कन्या पाठशाला केसठ की शिक्षिका अंजू देवी तथा डिग्री कॉलेज केसठ के व्याख्याता नीतीश चन्द्र भानु को डायरी और कलम देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षा समाज में बदलाव और समानता का सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षक दिवस पर छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित करना इसी दिशा में एक सार्थक पहल है।

__हर बेटी के हाथ में किताब और कलम था मां शांति देवी का सपना

संस्थान की ओर से बताया गया कि स्वर्गीय मां शांति देवी शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम मानती थीं। वे कहा करती थीं, “जब तक बेटियां पढ़ेंगी नहीं, तब तक समाज आगे बढ़ेगा नहीं।” विशेष रूप से दलित, पिछड़े और वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा को लेकर उनका विशेष लगाव था। आर्थिक अभाव के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वे अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों को कलम, कॉपी एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराती थीं।संस्थान के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि मां शांति देवी के लिए शिक्षा केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का हथियार थी। उनका सपना था कि आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित परिवार की कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे।

शिक्षक दिवस पर छात्राओं को कलम-कॉपी वितरित करना उनके इसी सपने को आगे बढ़ाने की पहल है।उन्होंने कहा कि जिस हाथ में कलम होगी, वही अपने अधिकार की आवाज उठाएगा और जिस बेटी के हाथ में किताब होगी, वही अपने परिवार और समाज का भविष्य बदलने में सक्षम होगी। कार्यक्रम के दौरान मां शांति देवी के शिक्षा और समानता के सपने को आगे बढ़ाने तथा आर्थिक मजबूरी के कारण किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित न होने देने का संकल्प लिया गया।