अर्नब तूफान ने खोली डुमरांव की बिजली व्यवस्था की पोल, 24 घंटे तक अंधेरे में रहा अनुमंडल

अर्नब तूफान के साथ आई तेज हवा और बारिश ने डुमरांव अनुमंडल की बिजली व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। एक ओर बिजली विभाग उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर पूरी ताकत झोंक रहा है, वहीं दूसरी ओर विद्युत आपूर्ति की बुनियादी व्यवस्था कितनी मजबूत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रताप सागर फीडर का इनडोर पैनल खराब होते ही पूरा अनुमंडल घंटों अंधेरे में डूब गया।

अर्नब तूफान ने खोली डुमरांव की बिजली व्यवस्था की पोल, 24 घंटे तक अंधेरे में रहा अनुमंडल

__ स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर, लेकिन पैनल फेल होते ही चरमराई आपूर्ति व्यवस्था; ट्रांसफार्मर-पोल उखड़ने से पेयजल संकट और कारोबार पर पड़ा असर

केटी न्यूज/डुमरांव

अर्नब तूफान के साथ आई तेज हवा और बारिश ने डुमरांव अनुमंडल की बिजली व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। एक ओर बिजली विभाग उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर पूरी ताकत झोंक रहा है, वहीं दूसरी ओर विद्युत आपूर्ति की बुनियादी व्यवस्था कितनी मजबूत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रताप सागर फीडर का इनडोर पैनल खराब होते ही पूरा अनुमंडल घंटों अंधेरे में डूब गया। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे आई तकनीकी खराबी के बाद खबर लिखे जाने तक 24 घंटे से अधिक समय गुजर गया, लेकिन कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी।

बिजली संकट का असर सिर्फ रोशनी तक सीमित नहीं रहा। मोटर नहीं चलने से कई इलाकों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई। घरों में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा, जबकि दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। मोबाइल चार्जिंग से लेकर रोजमर्रा के जरूरी कार्यों तक पर बिजली संकट का सीधा असर दिखाई दिया।

__ एक पैनल फेल, पूरी व्यवस्था बेपटरी

प्रताप सागर फीडर के इनडोर पैनल में तकनीकी खराबी ने अनुमंडल की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की कमजोर कड़ी सामने ला दी। हालांकि डुमरांव नगर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में देर शाम बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ग्रामीण और दूसरे प्रभावित इलाकों में संकट बना रहा। बीएमपी-4 फीडर से जुड़े क्षेत्रों में भी शुक्रवार रात से आपूर्ति बाधित रही। नियाजीपुर में भी तकनीकी खराबी के कारण लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।

__ रघुनाथपुर में ट्रांसफार्मर और पोल धराशायी

तूफान के प्रभाव से रघुनाथपुर क्षेत्र में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर उखड़ गया। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक बिजली के पोल भी धराशायी हो गए। कई स्थानों पर विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने से मरम्मत कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया। विभागीय तकनीकी टीमें क्षतिग्रस्त पोल और ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करने में जुटी रहीं। अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में सहायक अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों को लगाया गया है तथा युद्धस्तर पर काम कराया जा रहा है।

__ स्मार्ट मीटर की रफ्तार बनाम सुविधा की हकीकत

बिजली विभाग उपभोक्ताओं के घरों तक स्मार्ट मीटर पहुंचाने और लगाने को लेकर अभियान चला रहा है। स्मार्ट व्यवस्था के नाम पर तकनीक और डिजिटल निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि जब बिजली पहुंचाने वाली बुनियादी संरचना ही कमजोर हो तो स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को वास्तविक सुविधा कितनी मिलेगी?अर्नब तूफान ने इसी विरोधाभास को उजागर कर दिया है। प्राकृतिक आपदा के कारण बिजली संरचना को नुकसान होना अलग बात है, लेकिन एक फीडर का पैनल खराब होते ही बड़े इलाके की आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित होना विभाग की तैयारियों और वैकल्पिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग को स्मार्ट मीटर के साथ-साथ ट्रांसफार्मर, पोल, फीडर और पैनल जैसी बुनियादी संरचना को भी मजबूत करना होगा।फिलहाल बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत में जुटी हैं। लोगों की नजर अब इस बात पर है कि कब तक पूरी आपूर्ति सामान्य होती है और कब डुमरांव की विद्युत व्यवस्था तूफान के झटके से पूरी तरह उबर पाती है।