शिक्षा व ज्ञान की स्थली रही है बिहार - राज्यपाल
बिहार सदियों से शिक्षा का केन्द्र रहा है। आजादी के पहले भारत को पूरी दुनिया ज्ञान स्थली के रूप में जानती थी, उस दौर में भी बिहार में दो विश्वविद्यालय हुआ करते थे। उक्त बातें बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने शनिवार को बक्सर में कही। अवसर था बक्सर के इटाढ़ी रोड में नवनिर्मित बिरला ओपन माइंड्स स्कूल के उद्घाटन का। राज्यपाल बतौर मुख्य अतिथि यहां आए थे।

- गुलामी से पहले पूरे विश्व में ज्ञान स्थली के रूप में जाना जाता था भारत
- बक्सर में राज्यपाल ने किया बिरला ओपन माइंड्स स्कूल का उद्घाटन, मौजूद रहे विधानपरिषद के सभापति समेत कई अन्य गणमान्य
केटी न्यूज/बक्सर
बिहार सदियों से शिक्षा का केन्द्र रहा है। आजादी के पहले भारत को पूरी दुनिया ज्ञान स्थली के रूप में जानती थी, उस दौर में भी बिहार में दो विश्वविद्यालय हुआ करते थे। उक्त बातें बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने शनिवार को बक्सर में कही। अवसर था बक्सर के इटाढ़ी रोड में नवनिर्मित बिरला ओपन माइंड्स स्कूल के उद्घाटन का। राज्यपाल बतौर मुख्य अतिथि यहां आए थे।
राज्यपाल ने कहा कि प्राचीन काल से ही बिहार शिक्षा के महत्व को जानता रहा है तथा बिहारी मेधा ने पूरी दुनिया में अपने ज्ञान विज्ञान का डंका बजाया है। उन्होंने कहा कि त्रेता युग में बक्सर महर्षि विश्वामित्र की शिक्षास्थली व प्रयोगशाला रही है, जहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रभु श्रीराम को आना पड़ा था। महर्षि विश्वामित्र के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने के बाद ही भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम बने थे।
उन्होंने कहा कि बिहार का नालंदा विश्वविद्यालय पूरी दुनियां में अपनी ज्ञान की रौशनी बिखेर रहा था। राज्यपाल ने उम्मीद जताया कि बिरला माइंड्स ओपेन स्कूल बक्सर तथा आस पास के जिलों में शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने विद्यालय की नींव रखने वाले वैष्णवी गु्रप के चेयरमैन को भी इस प्रयास के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि कोशिश करनी चाहिए कि शिक्षा क्षेत्र में बक्सर व बिहार के प्राचीन गौरव को लौटाया जाए। यह तभी संभव है जब आधुनिक व तकनीकि शिक्षा के साथ ही प्राचीन भारतीय आदर्शों, धर्म व दर्शन को शिक्षा में शामिल किया जाए।
2047 तक विकसित भारत बनाने का है लक्ष्य
राज्यपाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि आजादी के 100 वें साल यानी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जाए। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि आदि सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा कि शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्र शिक्षा व संपदा की दृष्टि से काफी समृद्ध रहा है जरूरत है इसे फिर से उसी स्थान पर पहुंचाने की। इसके लिए सभी शिक्षित होने के साथ ही तकनीकी रूप से दक्ष होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा में तकनीकी का बड़ा महत्व हो गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने के लिए कठिन के शिव कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यह ऐसी चीज है, जिसे किसी को जबदस्ती नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में हर दिन नई समस्याएं आती रहती है, इसके लिए हमे हर दिन नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए तथा जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है। इसके पूर्व वैष्णवी गु्रप के चेयरमैन प्रदीप राय व बिरला ओपेन माइंड्स स्कूल के प्रबंधन निदेशक ई. अंकुर राय ने राज्यपाल समेत अन्य आगत अतिथियों को जोरदार स्वागत किया।
बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं से ही बनेगा विकसित बिहार - सभापति
उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए जरूरी है कि शिक्षा, रोजगार, कृषि व स्वास्थ्य क्षेत्र को और बेहतर बनाने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताया कि यह विद्यालय बक्सर जिले में शिक्षा क्षेत्र में मिल का पत्थर साबित होगा।
वहीं, मौके पर उपस्थित राज्य के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई प्रयास किए है। उनके प्रयास अब धरातल पर दिखाई पड़ रहे हैं। बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिशन अब परिलक्षित होने लगा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र मंे निजी विद्यालयों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
जबकि बक्सर के पूर्व सांसद अश्विनी चौबे ने कहा कि बक्सर ऋषि मुनियों की धरती रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थली पौराणिक काल से शिक्षा स्थली है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कारा परिसर में भगवान वामन की जन्म स्थली है। उस स्थली को बाहर किया जाए। जिससे श्रद्धालु वहां पहुंच सके। यह स्थलीय अयोध्या से कम नहीं है। भगवान वामन की यह जन्म स्थली है तो भगवान श्रीराम की शिक्षा स्थली है। पूर्व सांसद ने बिरला माइंड्स ओपेन स्कूल जैसे आधुनिक व तकनीकीयुक्त स्कूल की आधारशीला रखने के लिए वैष्णवी गु्रप के चेयरमैन प्रदीप राय व प्रबंध निदेशक ई. अंकुर राय की सराहना की।
कई अन्य वक्ताओं ने किया संबोधित
उद्घाटन समारोह को रांची हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस एसएन पाठक, औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील सिंह, बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, पूर्व विधायक सुनील पांडेय, संतोष निराला आदि ने भी संबोधित किया और कहा कि मानव जीवन को सुखमय बनाने के लिए शिक्षा ही एकमात्र विकल्प है। वक्ताओं ने इस प्रयास के लिए वैष्णवी गु्रप की सराहना की और कहा कि बक्सर जैसे जगह पर इतने बड़े स्कूल की स्थापना जिलेवासियों के लिए बड़ा उपहार है। वक्ताओं ने उम्मीद जताया कि बक्सर का यह विद्यालय राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बिखेरेगा तथा यहां से निकली प्रतिभाएं दुनियाभर में अपने ज्ञान की रौशनी बिखेरेगी।
वहीं, वैष्णवी गु्रप के चेयरमैन प्रदीप राय ने कहा कि इस विद्यालय में छात्रों को आधुनिक व तकनीकी शिक्षा के अलावे, खेलकूद, हॉर्स राईडिंग, स्वीमिंग आदि का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास छात्रों को बेहतर व आज के कठिन प्रतियोगी दौर में औव्वल करने जैसी शिक्षा देने का है। इसी उदेश्य से इस विद्यालय की नींव रखी गई है। उन्होंने उद्घाटन समारोह में आने वाले गणमान्य लोगों को धन्यवाद भी दिया।
मौके पर पूर्व विधायिका दिलमणि देवी, प्रदीप दूबे, ओम प्रकाश भुवन, पुनित सिंह, मनोज सिंह, अरविंद प्रताप शाही, श्रवण तिवारी, संजय सिंह राजनेता, अमित पांडेय, रानी चौबे, शीला त्रिवेदी, पूनम रविदास, कतवारू सिंह सहित अन्य मौजूद थे।