सभी के प्रयास और सहयोग से ही टीबी मुक्त होगा बक्सर जिला - बीडीओ

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को जिले के केसठ प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी के इलाजरत 26 मरीजों को गोद लिया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा की अध्यक्षता में निक्षय मित्रों ने टीबी मरीजों के बीच पोषण की पोटली का वितरण किया। कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सभी के प्रयास और सहयोग से ही टीबी मुक्त होगा बक्सर जिला - बीडीओ

- केसठ प्रखंड में सामूहिक रूप से टीबी के 26 मरीजों को लिया गया गोद

- टीबी के इलाजरत मरीजों के बीच बांटी गई पोषण की पोटली

केटी न्यूज/बक्सर 

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को जिले के केसठ प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी के इलाजरत 26 मरीजों को गोद लिया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा की अध्यक्षता में निक्षय मित्रों ने टीबी मरीजों के बीच पोषण की पोटली का वितरण किया। कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें टीबी मरीजों को इलाज के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व पौष्टिक भोजन के महत्व को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि टीबी की बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक रूप से काम करना होगा। सभी के प्रयास और सहयोग ये केसठ प्रखंड समेत पूरे बक्सर जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सकेगा। इसके साथ-साथ प्रखंड के ऐसे क्षेत्र जहां पर टीबी के मरीजों के मिलने की संभावना रहती है, वहां पर फोकस कर लक्षण वाले मरीजों को चिह़्नित करें। ताकि कोई भी टीबी रोग पीड़ित उपचार से वंचित न रहे। प्रखंड में टीबी को खत्म करने के लिए सभी एकजुट होकर साथ आएंगे। जब सभी का सहयोग मिलेगा, तभी हमारा श्टीबी हारेगा, देश जीतेगाश् का नारा सफल होगा।

छह माह तक मरीजों को दी जाएगी पोषण की पोटली 

इस क्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि गोद लिए गए टीबी के इलाजरत मरीजों के बीच अगले छह महीनों तक इन मरीजों को पोषण की पोटली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है। ताकि उनके सेहत में तेजी से सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। जिसके कारण बीमारी से उबरने में उन्हें सामान्य मरीजों की तुलना में काफी समय लगता है। ऐसे में दवाओं के साथ साथ संतुलित और पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। ताकि मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके। जिसे देखते हुए सरकार और विभाग ने निक्षय मित्र योजना की शुरुआत की है। ताकि कमजोर वर्ग के मरीजों को पोषण से संबंधित सहयोग देकर, ठीक होने में उनकी मदद की जा सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से अधिक समय तक खांसी, बलगम और बुखार जैसे लक्षण दिखते है। तो उसे तुरंत टीबी की जांच करानी चाहिए। इस दौरान एसटीएलएस पंकज जायसवाल, एसटीएस कुमार वरूण मौर्य के अलावा स्वास्थ्य कर्मी रोहित कुमार, अमर, विक्की, पप्पू आदि मौजूद रहे।

इन लोगों ने टीबी मरीजों को लिया गोद 

केसठ उप मुखिया अमरेंद्र कुमार, कतिकनार सीएचओ प्रियंका कुमारी, बीडीसी असलम हुसैन व मनरेगा जेई वीर बहादुर सिंह ने दो-दो टीबी मरीजों को गोद लिया। वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा, एमओआईसी डॉ. विनय कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार पांडेय, रामपुर मुखिया अनामिका पांडेय, कतिकनार मुखिया छठु राम, फार्मासिस्ट वीरेंद्र कुमार, हेल्थ एजुकेटर अयोध्या प्रसाद, बीएमएनई विनोद कुमार, एएनएम शांति कुमारी, एएनएम रंजु कुमारी, एटी आनंद कुमार सिंह, प्रधानाचार्य लाल बाबु, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, कृषि समन्वयक हरीष चंद्र पासवान, रामपुर बीडीसी मंजू कुमारी, केसठ पंचायत सचिव अभय कुमार व कतिकनार पंचायत सचिव सुरेंद्र प्रसाद ने एक-एक टीबी मरीजों को गोद लिया।