वन स्टॉप सेंटर पर मिलने वाली सुविधाओं व कार्यों के संबंध में कराए व्यापक प्रचार प्रसार - डीएम

जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। वर्तमान में यह कार्यालय बुनियाद केन्द्र में चल रहा है जबकि वन स्टॉप सेंटर का भवन निर्माणाधीन है।

वन स्टॉप सेंटर पर मिलने वाली सुविधाओं व कार्यों के संबंध में कराए व्यापक प्रचार प्रसार - डीएम

- जिलाधिकारी ने किया वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण, दिए कई आवश्यक निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। वर्तमान में यह कार्यालय बुनियाद केन्द्र में चल रहा है जबकि वन स्टॉप सेंटर का भवन निर्माणाधीन है।

निरीक्षण के क्रम में कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल बक्सर को निर्देश दिया गया कि 31 मई 2025 तक कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करेंगे तथा केन्द्र प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर को निर्देश दिया गया कि 15 जून से नवनिर्मित भवन में कार्यालय संचालित कराना सुनिश्चित करेंगे।

वहीं, वन स्टॉप सेंटर के रिक्त पदों पर उप विकास आयुक्त को नियोजन प्रक्रिया अविलंब पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।जिलाधिकारी ने केन्द्र प्रशासक को निर्देश दिया कि वादों का निष्पादन गुणवतापूर्ण कराएंगे। पीड़ित महिलाओं को सभी प्रकार की सहायता सुनिश्चित करेंगें। किसी भी शिथिलता एवं न्याय दिलानें में अनियमितता की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जायेगी।

वहीं, केन्द्र प्रशासक को निर्देश दिया गया कि सभी प्रमुख चौक-चौराहों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में प्रचार प्रसार कराना सुनिश्चित करेंगे।ग्रामीण क्षेत्रों में भी पीड़ित महिलाओं तक पहुच कर उनका काउसलिंग करने एवं सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

जबकि पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने निर्देश दिया कि थानाध्यक्षों के साथ होने वाली बैठक में उपस्थित रहकर समन्वय स्थापित करेंगे एवं महिलाओं के विरूद्ध किसी प्रकार के हिंसा के विरूद्ध सूचनाओं का आदान-प्रदान कर कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।

जानिए वन स्टॉप सेंटर के बारे में

वन स्टॉप सेंटर में किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित पीड़ित महिलाओं को एक छत के नीचे चिकित्सकीय, कानूनी, मनोसामाजिक परामर्श एवं अधिकतम पांच दिनों की अल्पावास सुविधा उपलब्ध कराया जाता है।  इसके साथ ही विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर पीड़ित महिलाओं को विभिन्न योजनाओं व कानूनों का लाभ प्रदान किया जाता है।

वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताडना, बाल विवाह, यौन शोषण एवं अन्य से संबंधित कुल 178 मामलें वर्ष 2024-25 में प्राप्त हुए है। इनमें से 159 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है।