दिल्ली: मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता केजरीवाल को झटका, कोर्ट ने भेजा नोटिस; जानिए क्या है मामला

मामला तब का है जब अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान केजरीवाल ने कोर्ट के सामने अपनी बात रखी थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। उच्च न्यायालय ने सुनीता केजरीवाल और पांच अन्य व्यक्तिगत उत्तरदाताओं को इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने का निर्देश दिया है।

दिल्ली: मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता केजरीवाल को झटका, कोर्ट ने भेजा नोटिस; जानिए क्या है मामला

केटी न्यूज़, ऑनलाइन डेस्क: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सोशल मीडिया पर निचली अदालत की कार्यवाही का वीडियो पोस्ट करने के मामले में हाईकोर्ट ने सुनीता केजरीवाल और अन्य को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल का वह वीडियो हटाया जाए, जिसमें वे कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए नजर आ रहे हैं।

मामले की पृष्ठभूमि:

यह मामला तब का है जब अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान केजरीवाल ने कोर्ट के सामने अपनी बात रखी थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। उच्च न्यायालय ने सुनीता केजरीवाल और पांच अन्य व्यक्तिगत उत्तरदाताओं को इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे इस वीडियो से संबंधित किसी भी अन्य पोस्ट या रीपोस्ट को हटा दें। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 9 जुलाई तय की है।

याचिका और आरोप:

यह याचिका अधिवक्ता वैभव सिंह द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने कई सोशल मीडिया हैंडल्स का नाम भी लिया है। सिंह ने अपनी याचिका में कहा कि 28 मार्च को राउज एवेन्यू कोर्ट में अरविंद केजरीवाल के संबोधन के बाद, आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य विपक्षी दलों से जुड़े कई सोशल मीडिया हैंडल्स ने अदालत की कार्यवाही का वीडियो/ऑडियो रिकॉर्डिंग बनाई और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किया।

28 मार्च की घटना:

28 मार्च को अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कोर्ट में पेश किया गया था। केजरीवाल ने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट को संबोधित किया और आरोप लगाया कि ईडी भाजपा के लिए जबरन वसूली का रैकेट चला रहा है। सुनवाई खत्म होने के तुरंत बाद, कई सोशल मीडिया हैंडल्स ने कोर्ट की कार्यवाही की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को पोस्ट, रीपोस्ट, फॉरवर्ड, और शेयर करना शुरू कर दिया।

सुनीता केजरीवाल की भूमिका:

सुनीता केजरीवाल ने अक्षय नाम के एक एक्स (ट्विटर) अकाउंट द्वारा अपलोड की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग को रीपोस्ट किया था। सिंह ने तर्क दिया कि दिल्ली उच्च न्यायालय नियम 2021 के तहत अदालती कार्यवाही की रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित है और इन वीडियो को वायरल करना न्यायपालिका और न्यायाधीशों की छवि को खराब करने का प्रयास है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है और उन्हें निर्देश दिया है कि वे इस वीडियो को तुरंत हटाएं। अदालत का कहना है कि अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और उसका सोशल मीडिया पर प्रसारण, न्यायिक प्रक्रिया और न्यायाधीशों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की है। इस दौरान, सभी संबंधित पक्षों को कोर्ट के निर्देशों का पालन करना होगा और वीडियो को सोशल मीडिया से हटाना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और उसका प्रसारण न्यायालय की गरिमा और निष्पक्षता के खिलाफ है।

इस मामले ने न्यायिक प्रक्रिया की मर्यादा और सोशल मीडिया के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अदालत का आदेश न्यायिक प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने और न्यायालय की प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है। देखना होगा कि आगे की सुनवाई में क्या निष्कर्ष निकलता है और संबंधित पक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।