नगर परिषद ने तालाब घाटों की सफाई में झोकी अपनी ताकत

छठ महापर्व को लेकर हर घर में तैयारी जोर-शोर के साथ शुरू कर दी गई है। छठ पूजा करने के लिए विभिन्न प्रदेशों में कमाने गए लोग भी अपने घर लौटने लगे हैं। इधर नगर परिषद भी छठ घाटों की सफाई में अपनी पूरी ताकत झोक दिया है।

नगर परिषद ने तालाब घाटों की सफाई में झोकी अपनी ताकत

दीपावली पर्व तक सफाई का रखा है लक्ष्य

केटी न्यूज/ डुमरांव 

छठ महापर्व को लेकर हर घर में तैयारी जोर-शोर के साथ शुरू कर दी गई है। छठ पूजा करने के लिए विभिन्न प्रदेशों में कमाने गए लोग भी अपने घर लौटने लगे हैं। इधर नगर परिषद भी छठ घाटों की सफाई में अपनी पूरी ताकत झोक दिया है। तालाब की गंदगी दूर की जा रही है, साथ ही घाटों को समतल बनाया जा रहा है। व्रतियों को तालाब में स्नान करने और अर्घ्य देने के लिए सुगम सीढ़ियों का निर्माण भी किया जा रहा है। विदित हो कि छठ पूजा को लेकर नगर परिषद द्वारा कोई तैयारी शुरू नहीं किये जाने के कारण काफी बदनामी हो रही थी। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि नप छठ घाटों और पानी में फैले गंदगी को साफ कराएगा की नहीं। चारोतरफ से मिल रही शिकायत को लेकर नप ने शनिवार को छठ घाट तालाबों की सफाई अभियान छेड़ दिया है। सबसे पहले तालाब के घाटों की सफाई की जा रही है। घाटों की गंदगी दूर करते हुए उग आए घासों को हटाया जा रहा है। फिर तालाब में फैली गंदगी को छानकर दूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं तालाब महिलाओ को उतरने के लिए सुगम सीढ़ियों का भी निर्माण कराया जा रहा है। मालूम हो कि नगर परिषद के अधीन लगभग बीस तलाब मौजूद हैं, जहां छठ पूजा होती है। सबसे ज्यादा लगभग 40 हजार की भीड़ छठिया पोखरा पर छठ पूजा के लिए जुटती है। लिहाजा तालाब के उपरी भाग में लगभग तीस-चालीस फीट की एरिया में व्रती और उनके परिवार के लोग बैठते हैं। ऐसे में उस क्षेत्र की भी सफाई करते हुए समतलीकरण किया जा रहा है। जो पुरानी सीढ़ियां है, उससे अलग भी तालाब में सीढ़ी बनाया गया है, जो लूप्त होने के कगार पर पहुंच गया है। उसे भी दुरूस्त करते हुए काम लायक बन रहा है। इसी तरह से नयातालाब छठ घाट, महरौरा शिव मंदरि छठ तालाब घाट, बड़ाबाग तालाब, महाकाल मंदिर तालाब, सूरत राय का तालाब एवं नायाभोजपुर व पुरानाभोजपुर तालाब में की भी सफाई कर छठ पूजा लायक तैयार कर दिया जाएगा। तालाब की सफाई करने और घाट बनाने का काम शुरू होने से लोगों में काफी खुशी है।