तीन दिनों से बिजली गुल, पानी के लिए मचा हाहाकार

प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार बिजली गुल रहने के कारण जहां पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा है, वहीं नल-जल योजना के तहत संचालित पानी की टंकियों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। इससे ग्रामीणों के बीच पेयजल को लेकर हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

तीन दिनों से बिजली गुल, पानी के लिए मचा हाहाकार

__केसठ ग्रिड की व्यवस्था पर ग्रामीणों में आक्रोश, नल-जल आपूर्ति ठप होने से बढ़ी परेशानी

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार बिजली गुल रहने के कारण जहां पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा है, वहीं नल-जल योजना के तहत संचालित पानी की टंकियों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। इससे ग्रामीणों के बीच पेयजल को लेकर हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बिजली विभाग की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित रहने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। वर्तमान में परीक्षाओं का दौर चल रहा है, ऐसे में बिजली नहीं रहने से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है।

मोबाइल, लैपटॉप व अन्य जरूरी उपकरण चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सामान्य दिनों में भी क्षेत्र में बार-बार बिजली ट्रिप होने की समस्या बनी रहती है। उनका आरोप है कि दिनभर में कई बार बिजली के आने-जाने से घरों में लगे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बना रहता है।ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ विद्युत उपकरणों को हो रहे नुकसान की समस्या का भी समाधान करने की मांग की है।

__घटिया विद्युत व्यवस्था का भी लगाया आरोप

ग्रामीणों ने क्षेत्र में विद्युत आधारभूत संरचना की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई जगह विद्युत पोलों को पर्याप्त कंक्रीट बेस दिए बिना मिट्टी में गाड़ दिया गया है। इससे तेज हवा या आंधी के दौरान पोल गिरने और दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने विद्युत तारों की गुणवत्ता की जांच कराने की भी मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

__उपकेंद्र पहुंचकर मुखिया ने जताया विरोध

रविवार की सुबह पंचायत मुखिया अरविंद कुमार यादव उर्फ गामा पहलवान ग्रामीणों के साथ विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग को लेकर वहीं बैठ गए। मुखिया तब तक उपकेंद्र पर डटे रहे, जब तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हुई। उन्होंने विभागीय कर्मियों से क्षेत्र की बिजली समस्या का तत्काल समाधान करने को कहा। इस दौरान स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे और बिजली-पानी की समस्या को लेकर अपनी नाराजगी जताई।

__ग्रामीणों के बयान

[फोटो 1 ] पप्पू यादव ने कहा कि तीन दिनों से बिजली नहीं रहने के कारण घर से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित है। नल-जल की व्यवस्था बंद होने से पानी के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

[फोटो 2] शिक्षक अजय कुमार विक्रांत ने कहा कि क्षेत्र में बार-बार बिजली ट्रिप होने की समस्या पुरानी है। विभाग को स्थायी समाधान के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए।

[फोटो 3] राजू दुबे ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से नल-जल योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।

[फोटो 4] विनोद मास्टर ने  विद्युत पोल और तारों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि लापरवाही के कारण 

कभी भी हादसा हो सकता है।