Sunday, 1 November 2026
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मानवीय गरिमा की रक्षा करना है, मानवाधिकार का लक्ष्य - न्यायाधीश

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर मंगलवार को विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय से विधिक जागरूकता रैली व कैंडल मार्च निकाली गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष हर्षित सिंह के निर्देशानुसार यह रैली व्यवहार न्यायालय, बक्सर स्थित भवन विधिक सेवा सदन से निकलकर चीनी मिल, स्टेशन रोड, के रास्ते अंबेडकर चौक तक पहुंची।

मानवीय गरिमा की रक्षा करना है, मानवाधिकार का लक्ष्य - न्यायाधीश

- विधिक सेवा प्राधिकार ने रैली निकाल मानवाधिकारों के प्रति लोगों को किया जागरूक

केटी न्यूज/बक्सर

मानवीय गरिमा की रक्षा करना है, मानवाधिकार का लक्ष्य - न्यायाधीश

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर मंगलवार को विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय से विधिक जागरूकता रैली व कैंडल मार्च निकाली गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष हर्षित सिंह के निर्देशानुसार यह रैली व्यवहार न्यायालय, बक्सर स्थित भवन विधिक सेवा सदन से निकलकर चीनी मिल, स्टेशन रोड, के रास्ते  अंबेडकर चौक तक पहुंची। 

मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षित सिंह ने कहा कि मानवाधिकार दिवस 2024 की थीम हमारे अधिकार, हमारा भविष्य, अभी है। यह इस बात पर गौर करता है कि मानवाधिकार हमारे रोजमर्रा के जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं। यह नफरत, गलत सूचना और झूठ के खिलाफ आवाज उठाने की याद दिलाता है। संयुक्त राष्ट्र इस बात पर जोर देता है कि अब कार्रवाई करने और मानवाधिकारों के लिए वैश्विक आंदोलन को पुनर्जीवित करने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार की आधिकारिक स्थापना 1950 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक प्रस्ताव द्वारा की गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 10 दिसंबर, 1948 को मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (यूडीएचआर) को अपनाने के सम्मान में इस तिथि को चुना गया था, जिसका उद्देश्य भविष्य में होने वाले अत्याचारों को रोकना और मानवीय गरिमा की रक्षा करना है। 

अपनी स्थापना के बाद से, मानवाधिकार दिवस हर साल मानवाधिकारों से संबंधित चल रहे संघर्षों, भेदभाव, असमानता और उत्पीड़न के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।

 इसके साथ ही जिला प्राधिकरण बक्सर द्वारा मुक्त कारागार, बक्सर, केंद्रीय कारा मंडल बक्सर में भी इस मौके पर कारा बंदियों के बीच विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

मौके पर बक्सर जिले में कार्यरत सभी न्यायधीश, व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी, जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य, कार्यालय कर्मी दीपेश कुमार श्रीवास्तव, सुधीर कुमार, मनोज कुमार रवानी, सुनील कुमार, संजीव कुमार, मोहम्मद अकबर अली, स्थानीय बच्चे, पैनल अधिवक्ता विष्णुदत्त द्विवेदी, अशोक कुमार पाठक, कुमारी अरुणिमा, आनंद रंजना, विधि सेवक अविनाश कुमार, हरे राम, सरोज कुमार चौबे, अंशु देवी, प्रियंका कुमारी, प्रीति कुमारी, रुकैया, कविंद्र पाठक आदि मौजूद रहे।

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