गंगा के भागड़ में नाव पलटी, एक किशोरी लापता, बाल-बाल बची दर्जनभर महिलाएं

गंगा के भागड़ में महिलाओं से भरी एक नाव पलट गई। इस हादसे में नाव पर सवार एक दर्जन महिलाएं जैसे-तैसे तैरकर बाहर निकल गई, जबकि 10 वर्षीय एक किशोरी लापता हो गई है। घटना के बाद से नाव भी पानी के अंदर समा गई है।

गंगा के भागड़ में नाव पलटी, एक किशोरी लापता, बाल-बाल बची दर्जनभर महिलाएं

-- रामदास राय के डेरा थाना क्षेत्र के लाल सिंह के डेरा गांव के पास की है घटना, नाव भी लापता, लापता किशोरी की तलाश में जुटी एनडीआरएफ

केटी न्यूज/सिमरी

गंगा के भागड़ में महिलाओं से भरी एक नाव पलट गई। इस हादसे में नाव पर सवार एक दर्जन महिलाएं जैसे-तैसे तैरकर बाहर निकल गई, जबकि 10 वर्षीय एक किशोरी लापता हो गई है। घटना के बाद से नाव भी पानी के अंदर समा गई है। यह भीषण हादसा मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे की है। नाव पर सवार सभी महिलाएं खेतिहर मजदूर है, जो रामदास राय के डेरा थाना क्षेत्र के नवरंग राय के डेरा की रहने वाली है तथा भागड़ के उस पार खेतों में लगे फसल की कटनी करने जा रही थी। जैसे ही नाव बीच भागड़ में पहुंची कि अचानक पलट गई। इस हादसे में लापता किशोरी की पहचान नवरंग राय के डेरा गांव निवासी लालबाबू राम की 8 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी के रूप में हुई है। 

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थानाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, सिमरी अंचल के राजस्वकर्मी प्रवीण कुमार, राजापुर पंचायत के मुखिया मदन राय, पूर्व मुखिया अंगद यादव समेत ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इस दौरान स्थानीय गोताखोरों ने पानी में लापता हुई किशोरी की तलाश शुरू कर दी, लेकिन दोपहर तक उसका कुछ पता नहीं चल सका था। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने इसकी सूचना एनडीआरएफ टीम को दी। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन समाचार लिखे जाने तक एनडीआरएफ को किशोरी की तलाश में सफलता नहीं मिल सकी थी। 

-- घटना के बाद से बदहवास है स्वजन

इस घटना के बाद जहां नवरंग राय के डेरा गांव में अफरा-तफरी मच गई थी, वहीं लापता किशोरी के स्वजन बदहवास हो गए है। घटना की जानकारी मिलते ही लोग दौड़े भागे घटना स्थल पर पहुंचे। हालांकि, नाव पर सवार महिलाओं को सुरक्षित देख ग्रामीणाें की चिंता कम हुई। इसी दौरान पता चला कि नाव पर बैठी नेहा पानी में समा गई है। जिसके बाद से ही उसकी तलाश करवाई जा रही है। 

-- याद आया दल्लुपुर की घटना

इस हादसे ने वर्ष 2012 में ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के दल्लुपुर गांव के पास हुए नाव हादसे की याद ताजा कर दी है, जब खेतिहर मजदूरों से भरी नाव पलटने से एक साथ 42 मजदूरों की मौत हो गई थी। हालांकि, इस घटना में महिलाओं ने खुद तैरकर अपनी जान बचा ली। जानकारों का कहना है कि यदि महिलाओं को तैरना नहीं आता तो हादसा और बड़ा हो सकता था। बहरहाल इस घटना ने एक बार फिर से गंगा तथा उसकी सहायक नदियों में बिना मानक के नौका परिचालन पर सवाल खड़ा कर दिया है।