डुमरांव में पांच लाख रूपए मूल्य के गांजा के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, एक कार जब्त, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ डुमरांव पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर नगर के शक्ति द्वार मोड़ के समीप एक घर में छापेमारी कर 78.965 किलोग्राम गांजा तथा तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त एक स्वीफ्ट डिजायर कार भी बरामद की है। बरामद गांजा का अनुमानित मूल्य पांच लाख रूपए आंकी गई है।
-- भोजपुर जिले के मसाढ़ से मंगवाई गई थी गांजा की खेप, गिरफ्तार लोगों में भोजपुर जिले का फरार तस्कर भी शामिल, एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
केटी न्यूज/डुमरांव
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ डुमरांव पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर नगर के शक्ति द्वार मोड़ के समीप एक घर में छापेमारी कर 78.965 किलोग्राम गांजा तथा तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त एक स्वीफ्ट डिजायर कार भी बरामद की है। बरामद गांजा का अनुमानित मूल्य पांच लाख रूपए आंकी गई है।गिरफ्तार तस्करों में डुमरांव शक्तिद्वार रोड निवासी छोटे तुरहा पिता अस्पताली तुरहा, सिकरौल थाना क्षेत्र के भदार गांव निवासी भीम कुमार पिता सत्येन्द्र प्रसाद तथा भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के मसाढ़ गांव निवासी सत्येन्द्र कुमार पिता जवाहिर तुरहा शामिल है। सत्येन्द्र पर गजराजगंज ओपी में एनडीपीएस ऐक्ट के तहत एफआईआर दर्ज है, जिसमें वह फरार चल रहा था।एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने मंगलवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि सोमवार की शाम गुप्त सूचना मिली थी कि शक्तिद्वार मोड़ के समीप एक घर में गांजे की बड़ी खेप मंगवाई गई है। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी एसपी शुभम आर्य को दी गई, उन्होंने एसडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी का निर्देश दिया।

-- छापेमारी में मिला भारी मात्रा में गांजा
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस टीम ने जब चिन्हित घर की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की तो उक्त घर से दो अलग-अलग जगहों से कुल 78.965 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जिसके बाद गृहस्वामी छोटे तुरहा तथा वहां मौजूद भीम कुमार व सत्येन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। एसडीपीओ ने बताया कि तीनों ने गांजा तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। एसडीपीओ ने बताया कि तीनों के खिलाफ एनडीपीएस ऐक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

-- सत्येन्द्र का मिला है अपराधिक इतिहास
एसडीपीओ ने बताया कि सत्येन्द्र का अपराधिक इतिहास मिला है। उस पर गजराजगंज थाने में पिछले साल एनडीपीएस ऐक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुआ था, जिसमें वह फरार चल रहा था। एसडीपीओ ने बताया कि सत्येन्द्र के नेतृत्व में यह गिरोह लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। जिसकी सूचना उन्हे मिल रही थी। जिसके बाद पूरे गिरोह को रंगेहाथ दबोचने के लिए मुखबीरों का जाल बिछाया गया था, जिसके बाद पुलिस को यह सफलता मिली।

-- पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
एसडीपीओ ने बताया कि तीन तस्करों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। उन्होंने कहा कि तस्करों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। मसलन तस्कर गांजा की खेप कहां से लाते थे तथा इसे कहां-कहां बिक्री करते थे और इस नेटवर्क से और कितने तस्कर जुडे़ है। एसडीपीओ ने कहा कि नेटवर्क में शामिल सभी तस्करों को गिरफ्तार किया जाएगा।

-- सम्मानित होंगे छापेमारी में शामिल पुलिस पदाधिकारी
छापेमारी में एसडीपीओ के साथ डुमरांव के सर्किल इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, एसआई मतेन्द्र कुमार, गौतम कुमार तथा एएसआई अर्चना कुमारी के अलावे डीआईयू टीम व सशस्त्र बल शामिल थे। एसडीपीओ ने बताया कि छापेमारी में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारियों व डीआईयू टीम को सम्मानित करने के लिए एसपी सर से अनुशंसा की जाएगी।
