परिवहन कार्यालय में शराब बरामदगी से हड़कंप, डीटीओ से 24 घंटे में मांगा जवाब
जिला परिवहन कार्यालय परिसर से शराब की भरी और खाली बोतलों की बरामदगी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस और मद्य निषेध विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए परिवहन कार्यालय परिसर से शराब से जुड़ी सामग्री बरामद की। घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


__ वायरल ऑडियो-वीडियो की जांच को त्रिस्तरीय टीम गठित, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत
केटी न्यूज/बक्सर
जिला परिवहन कार्यालय परिसर से शराब की भरी और खाली बोतलों की बरामदगी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस और मद्य निषेध विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए परिवहन कार्यालय परिसर से शराब से जुड़ी सामग्री बरामद की। घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।मामले के आलोक में जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) बक्सर से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया है।

प्रशासन का मानना है कि जिस परिसर में शराबबंदी कानून के बीच शराब की बोतलें बरामद हुई हैं, वहां विभागीय जवाबदेही तय होना जरूरी है। इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में खलबली मची हुई है।इधर, 13 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो और वीडियो ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। वायरल सामग्री में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच के लिए जिलाधिकारी ने त्रिस्तरीय जांच दल का गठन किया है। गठित टीम को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वायरल ऑडियो और वीडियो में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच कर संयुक्त प्रतिवेदन जल्द से जल्द जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

सूत्रों की मानें तो जांच के दायरे में केवल शराब बरामदगी ही नहीं, बल्कि वायरल ऑडियो-वीडियो में सामने आए कथित लेन-देन और विभागीय गतिविधियों की भी पड़ताल की जाएगी। प्रशासन पूरे मामले को शराबबंदी कानून और सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली से जोड़कर देख रहा है।जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक सख्ती के इस रुख के बाद जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है। आम लोगों के बीच भी यह सवाल उठने लगा है कि आखिर सरकारी कार्यालय परिसर तक शराब कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

