भास्कर रंजन बने डुमरांव के नए एसडीपीओ, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निष्पादन पर रहेंगी निगाहें
डुमरांव अनुमंडल में पुलिस व्यवस्था को अब स्थायी नेतृत्व मिलने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से रिक्त चल रहे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के पद पर भास्कर रंजन की नियुक्ति की गई है। फिलहाल अपर पुलिस अधीक्षक रेल, पटना के पद पर कार्यरत भास्कर रंजन अब डुमरांव अनुमंडल की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।

केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव अनुमंडल में पुलिस व्यवस्था को अब स्थायी नेतृत्व मिलने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से रिक्त चल रहे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के पद पर भास्कर रंजन की नियुक्ति की गई है। फिलहाल अपर पुलिस अधीक्षक रेल, पटना के पद पर कार्यरत भास्कर रंजन अब डुमरांव अनुमंडल की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को पुलिस प्रशासन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए अधिकारी के नेतृत्व में अनुमंडल की पुलिसिंग कितनी प्रभावी होती है।दरअसल, एसडीपीओ का पद लंबे समय से प्रभार के भरोसे चल रहा था। ऐसे में नियमित अधिकारी की नियुक्ति से पुलिस प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने और थानों की निगरानी व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस कार्रवाई को गति देने की जिम्मेदारी अब नए एसडीपीओ के कंधों पर होगी।

__ अपराध नियंत्रण होगी सबसे बड़ी कसौटी
डुमरांव अनुमंडल में नए एसडीपीओ के सामने अपराध पर अंकुश लगाने के साथ ही लंबित कांडों की समीक्षा, फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई जैसी चुनौतियां होंगी। इसके अलावा थानों की कार्यशैली पर निगरानी, पुलिस गश्ती को प्रभावी बनाना और आम लोगों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहने की उम्मीद है।स्थायी नेतृत्व मिलने से पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने और अपराधियों के खिलाफ अभियान को मजबूती मिलने की संभावना है। हालांकि, नियुक्ति का वास्तविक असर धरातल पर पुलिस की सक्रियता और कार्रवाई से ही सामने आएगा। अब देखना होगा कि भास्कर रंजन डुमरांव अनुमंडल में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के लिए किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।

