भूमिहीन किसानों के लिए बेहतर विकल्प है बकरी पालन : डीएओ

- आत्मा,बक्सर द्वारा बकरी पालन विषय प्रशिक्षण के लिए किसानों के जत्थें को किया रवाना
केटी न्यूज/बक्सर
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) द्वारा 40 कृषकों के जत्थे को गुरुवार को बकरी पालन विषय पर प्रशिक्षण में भाग दिलाने के लिए उत्कृष्ट संस्थान उत्थान, पटना भेजा गया है। जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण 10 से 14 नवंबर तक कुशल प्रशिक्षकाें द्वारा संचालित किया जाएगा। जिसमें भाग लेने वाले किसानों को बकरी पालन के तरीके तथा इससे मिलने वाले लाभों को बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि बकरी पालन को गरीबो का एटीएम कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस व्यवसाय पर बाढ़ या सुखाड़ का कोई असर नहीं पड़ता है साथ ही घर में बकरी पालन होने से महिलाओं के लिए भी बेहतर रोजगार का अवसर पैदा होता है।
कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय है बकरी पालन
बकरी पालन कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाला व्यवसाय माना जाता है। बकरियों का रख-रखाव भी काफी आसान एवं सस्ता होता है। बकरी पालन से तीन प्रकार के मुख्य लाभ है। इससे दुग्ध उत्पादन, मांस उत्पादन एवं खेतांे के लिए जैविक खाद मिल जाता है। बकरी द्वारा इन उत्पादित तीनों उत्पादों की गुणवता उच्च होती है।
पोषक तत्वों व् औषधीय गुणों से भरपूर है बकरी का दूध
उत्थान संस्थान के निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि हमारे संस्थान में पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान बिहार में पाली जाने वाली उपयुक्त नस्ल, बकरी के गोबर का उपयोग, जैविक खेती के लिए जैविक खाद बनाने की विधि, गाँव से बाहर जाने वाले श्रमिक को बकरीपालन को सर्वाेतम रोजगार में बदलने का तरीका इत्यादि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बकरी का दूध पौष्टिक व औषधीय गुणों से भरपूर होता है। बिहार में बेहतर पालन हेतु ब्लैक बंगाल बकरी को उन्नत नस्ल बताया। जत्थे में शामिल कृषको के समन्वय हेतु विवेकानंद उपाध्याय एवं योगेश मिश्र को शामिल किया गया है। मौके पर आत्मा कर्मी चन्दन कुमार सिंह सहित प्रगतिशील कृषक दीनबंधु पासवान, अजित पासवान, मनीष कुमार, गामा प्रसाद, प्रदीप कुमार पासवान, दीनानाथ पासवान, आफताब अंसारी सहित अन्य कृषक उपस्थित थे।