पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने के लिए कन्याकुमारी से साईकिल यात्रा कर रहे रॉबिन सिंह का बक्सर में भव्य स्वागत

- लगभग सात महीना पहले देश के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी से शुरू किया है साइकिल यात्रा
- अबतक 16 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर चुके रॉबिन ने दिया पेड़-पौधे, पानी व जंतुओं को बचाने की अपील
केटी न्यूज/बक्सर
नाम रॉबिन सिंह, घर उत्तर प्रदेश के इटावा, शौक पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए पेड़-पौधों, पानी तथा विभिन्न तरह के जीव जंतुओं के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना। यह परिचय है बुधवार को कन्याकुमारी से साइकिल से चलकर बक्सर पहुंचे पर्यावरण प्रेमी का। वे अपने मुहिम को सफल बनाने तथा लोगों में अलख जगाने के लिए पूरे देश की पदयात्रा कर रहे है। इसके तहत वे करीब सात महीना पहले देश के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी से सफल की शुरूआत किए थे। अबतक 16 हजार किलोमीटर के सफर में वे 13 राज्यों में जाकर लोगों को जागरूक कर चुके है। सफर के 201 वें दिन बक्सर पहुंचने पर पर्यावरण प्रेमियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गोलंबर पर उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्हें अंग वस्त्र, माला आदि से सम्मानित भी किया गया तथा उनके प्रयासों को धरती को बचाने की मुहिम कहा गया। लोगों ने कहा कि बिगड़ते पर्यावरण को बचाने के लिए युवाओं को इनसे सीख लेनी चाहिए।
लोगों ने कहा कि उनका प्रयास न सिर्फ मानवता बल्कि संपूर्ण जीव जगत के कल्याण के लिए है। बता दें कि रॉबिन सिंह ’ग्रनी इंडिया मुवमेंट’ के संयोजक भी है तथा उनके प्रयासों से अबतक दर्जनों युवा पर्यावरण व पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए मुहिम चला रहे है। इनका उद्देश्य पूरे भारत का दर्शन करना तथा युवाओं तथा समाज को पर्यावरण, जीव जंतुओं की रक्षा तथा पानी बचाने के लिए संदेश देना है। स्वागत के मौके पर अरविंद, अविनाश, गौरव, रजनीकांत, शिवदयाल, दिनेश, यश, विजय, अभिजीत समेत दर्जनों युवा व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पर्यावरण व जीव जंतुओं को बचाने से ही बचेगी धरती
अपने संबोधन में रॉबिन ने कहा कि पिछले कुछ दशकों से हमारा पर्यावरण तेजी से बिगड़ा है। जिस कारण ग्लोबल वर्मिंग का खतरा बढ़ते जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण ( पेड़-पौधे ) व जीव-जंतुओं को संरक्षित कर ही हम बिगड़ रहे पर्यावरण को बचा सकते है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण तथा जीव जंतुओं को बचाने से ही धरती तथा जीवो का अस्तित्व बचेगा। वही उन्होंने जल संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि जल को संरक्षित नहीं करने से आने वाले दिनों में लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ जाएगा। रॉबिन ने कहा कि वर्तमान समय में भी भूमिगत जल स्तर बहुत नीचे चला गया है। हमें पानी के दुरूपयोग से बचना चाहिए तथा लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना चाहिए। वही वहा मौजूद लोगों ने उनकी सोंच तथा प्रयासों की सराहना करते हुए जीवन को बचाने के लिए जल, हरियाली व जीव जंतुओं की रक्षा का संकल्प लिया।