चौसा ओवरब्रिज बना ‘हादसों का हॉटस्पॉट’ :गड्ढों में फंसी मैदा लदी टेलर पलटी, हजारों का नुकसान
चौसा में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास बदहाल सड़क अब जानलेवा साबित होती जा रही है। रविवार को झारखंड से उत्तर प्रदेश जा रही मैदा की बोरियों से लदी एक भारी टेलर सड़क के गहरे गड्ढे में फंसकर पलट गई। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन टेलर पर लदी दर्जनों मैदा की बोरियां फट गईं, जिससे हजारों रुपये का माल बर्बाद हो गया।
केटी न्यूज/चौसा
चौसा में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास बदहाल सड़क अब जानलेवा साबित होती जा रही है। रविवार को झारखंड से उत्तर प्रदेश जा रही मैदा की बोरियों से लदी एक भारी टेलर सड़क के गहरे गड्ढे में फंसकर पलट गई। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन टेलर पर लदी दर्जनों मैदा की बोरियां फट गईं, जिससे हजारों रुपये का माल बर्बाद हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ओवरब्रिज के पास सड़क की हालत लंबे समय से बेहद जर्जर है। जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जो भारी वाहनों के लिए मौत का फंदा साबित हो रहे हैं।रविवार की सुबह जैसे ही टेलर ओवरब्रिज के समीप पहुंची, अचानक उसका एक पहिया गहरे गड्ढे में धंस गया।

संतुलन बिगड़ते ही चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टेलर सड़क किनारे पलट गई।हादसे के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं पलटी टेलर के कारण सड़क पर आवागमन बाधित हो गया, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और सबसे पहले मार्ग को खाली कराकर यातायात को सुचारू कराया।स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर हादसे अब आम बात हो गई है, लेकिन इसके बावजूद न तो प्रशासन और न ही निर्माण एजेंसी कोई ठोस कदम उठा रही है।

गौरतलब है कि ठीक एक सप्ताह पहले इसी स्थान पर मार्बल के बड़े पत्थरों से लदी एक टेलर पलट गई थी। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने इस इलाके को ‘हादसों का हॉटस्पॉट’ बना दिया है।राहगीरों और वाहन चालकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही ओवरब्रिज के आसपास सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क को दुरुस्त कराने और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि आगे किसी की जान जोखिम में न पड़े।

