अफवाहों के बीच चौसा में गैस वितरण व्यवस्था बदली, ओटीपी से मिल रहा सिलेंडर

चौसा में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस की किल्लत और अफवाहों के बीच गुरुवार को गैस वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई। इंडेन गैस एजेंसी पर अब उपभोक्ताओं को ओटीपी के आधार पर ही सिलेंडर दिया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिल रहा है, जिनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त हो रहा है।

अफवाहों के बीच चौसा में गैस वितरण व्यवस्था बदली, ओटीपी से मिल रहा सिलेंडर

केटी न्यूज/चौसा

चौसा में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस की किल्लत और अफवाहों के बीच गुरुवार को गैस वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई। इंडेन गैस एजेंसी पर अब उपभोक्ताओं को ओटीपी के आधार पर ही सिलेंडर दिया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिल रहा है, जिनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त हो रहा है।गुरुवार की सुबह जैसे ही गैस से लदा वाहन एजेंसी परिसर पहुंचा, उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एजेंसी परिसर में पुलिस की निगरानी में सिलेंडर बांटे गए।

अधिकारियों का कहना है कि ओटीपी आधारित वितरण से फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।हालांकि नई व्यवस्था के कारण कुछ उपभोक्ताओं को परेशानी भी झेलनी पड़ी। कई लोगों ने बताया कि नेटवर्क समस्या और लिंक फेल होने की वजह से उनके मोबाइल पर ओटीपी नहीं पहुंच रहा था, जिसके कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद अधिकांश उपभोक्ताओं ने माना कि व्यवस्था लागू होने से गैस वितरण में पारदर्शिता आएगी।उपभोक्ता राहुल सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गैस संकट की खबरों के कारण लोगों में चिंता का माहौल था।

कई लोग पहले से ही सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी का चक्कर लगा रहे थे। अब वितरण शुरू होने से स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।इंडेन गैस एजेंसी के ग्रामीण वितरक छट्ठूलाल रजक ने बताया कि फिलहाल केवल घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति अभी बंद है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को परेशानी हो रही है।व्यावसायिक गैस नहीं मिलने से कई छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो स्कूलों में बनने वाले मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम पर भी असर पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति से जुड़ी परिस्थितियों का असर गैस की उपलब्धता पर पड़ रहा है। हालांकि स्थानीय प्रशासन और गैस एजेंसी का दावा है कि आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।