पुलिस वाहन की टक्कर के बाद पांच घंटे तक अस्पताल में तड़पती रही वृद्धा

वासुदेवा थाना क्षेत्र की पुलिस की कार्यशैली को लेकर बुधवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मठिला गांव के समीप पुलिस वाहन की टक्कर से घायल एक वृद्ध महिला घंटों तक अनुमंडलीय अस्पताल में दर्द से कराहती रही। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस वाहन मौके पर रुकने के बजाय वहां से चला गया।

पुलिस वाहन की टक्कर के बाद पांच घंटे तक अस्पताल में तड़पती रही वृद्धा

__ हादसे के बाद पुलिस वाहन के मौके से निकल जाने का आरोप, इलाज को लेकर परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा; जिम्मेदारी लेने के बाद देर रात हायर सेंटर भेजी गई महिला

केटी न्यूज/डुमरांव।

वासुदेवा थाना क्षेत्र की पुलिस की कार्यशैली को लेकर बुधवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मठिला गांव के समीप पुलिस वाहन की टक्कर से घायल एक वृद्ध महिला घंटों तक अनुमंडलीय अस्पताल में दर्द से कराहती रही। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस वाहन मौके पर रुकने के बजाय वहां से चला गया। बाद में जब घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया गया तो इलाज को लेकर भी घंटों तक असमंजस की स्थिति बनी रही।जानकारी के अनुसार कोरानसराय थाना क्षेत्र निवासी रुनिका देवी, पति भीम राय, बुधवार को इंडियन बैंक से रुपये निकालकर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान मठिला गांव के समीप वासुदेवा थाना की पुलिस वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद महिला सड़क पर गिरकर घायल हो गईं। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन वहां से निकल गया।

__ डायल 112 ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया।इसके बाद मामला इलाज से अधिक जिम्मेदारी को लेकर उलझ गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जिस पुलिस वाहन से हादसा हुआ, उसके कर्मियों ने न तो मौके पर घायल महिला की सुध ली और न ही तत्काल इलाज की जिम्मेदारी उठाई। इसी को लेकर परिजनों ने अस्पताल में विरोध जताया और पुलिस के सामने अपनी मांग रखी।

__ जिम्मेदारी लेने के इंतजार में बीतता रहा समय

परिजनों का कहना था कि जब तक संबंधित पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचकर घटना की जिम्मेदारी नहीं लेते और इलाज का खर्च वहन करने का भरोसा नहीं देते, तब तक वे महिला को हायर सेंटर नहीं ले जाएंगे। इस दौरान घायल महिला अस्पताल में दर्द से कराहती रही। परिजनों के अनुसार शाम से रात तक संबंधित थाना की पुलिस के अस्पताल नहीं पहुंचने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।बताया जाता है कि करीब रात आठ बजे के आसपास वासुदेवा और डुमरांव थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस की ओर से महिला के इलाज का खर्च उठाने की जिम्मेदारी लेने तथा मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद परिजन महिला को हायर सेंटर ले जाने पर राजी हुए। इसके बाद घायल महिला को सदर अस्पताल बक्सर भेजा गया।

__ पुलिस की संवेदनशीलता पर उठे सवाल

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल हादसे से अधिक दुर्घटना के बाद घायल के प्रति बरती गई संवेदनशीलता को लेकर खड़ा हुआ है। पुलिस का काम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की स्थिति में नागरिकों की मदद करना भी माना जाता है। ऐसे में पुलिस वाहन से दुर्घटना होने के बाद घायल महिला के इलाज और जिम्मेदारी को लेकर घंटों चली स्थिति ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।वासुदेवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार पासवान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस पदाधिकारियों को महिला के इलाज के लिए लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।