भोजपुरी की माटी की आवाज को मिला ‘भारत गौरव सम्मान’

भोजपुरी कला, लोकगीत और संगीत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले चर्चित गायक एवं अभिनेता गोपाल राय को प्रतिष्ठित ‘भारत गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

भोजपुरी की माटी की आवाज को मिला ‘भारत गौरव सम्मान’

__ देहरादून में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने चर्चित गायक-अभिनेता गोपाल राय को किया सम्मानित, भोजपुरी कला-संस्कृति में योगदान के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान

केटी न्यूज/बक्सर।

भोजपुरी कला, लोकगीत और संगीत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले चर्चित गायक एवं अभिनेता गोपाल राय को प्रतिष्ठित ‘भारत गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। भोजपुरी कला एवं संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मिले इस सम्मान से उनके प्रशंसकों, शुभचिंतकों और भोजपुरी समाज में खुशी की लहर है।भारत गौरव फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित समारोह में गोपाल राय को भोजपुरी लोकगीत, संगीत और संस्कृति को समृद्ध करने तथा अपनी गायकी के माध्यम से भोजपुरी की लोक परंपरा और पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया।

सम्मान प्राप्त करते हुए गोपाल राय ने इसे अपने लिए गौरव और भावुकता से भरा अविस्मरणीय क्षण बताया।उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक कलाकार को मिला पुरस्कार नहीं है, बल्कि भोजपुरी भाषा, लोकगीत, संगीत और समृद्ध लोकसंस्कृति के प्रति वर्षों की साधना का सम्मान है। उन्होंने सम्मान के लिए भारत गौरव फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार, प्रशंसकों, सहयोगियों, शुभचिंतकों और उन सभी लोगों को समर्पित है, जिन्होंने उनके संगीत सफर में निरंतर प्रेम और आशीर्वाद दिया।गोपाल राय लंबे समय से भोजपुरी भाषा और लोकसंगीत से जुड़े गीतों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाने में जुटे हैं।

उनकी गायकी में भोजपुरी मिट्टी, लोकजीवन और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। यही कारण है कि उनके गीतों को भोजपुरी क्षेत्र के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी पसंद किया जाता है।‘भारत गौरव सम्मान’ मिलने के बाद गोपाल राय ने कहा कि यह सम्मान उन्हें भोजपुरी कला और संस्कृति के लिए और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि भोजपुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, परंपराओं और लोकजीवन की पहचान है। इसे व्यापक मंच तक पहुंचाना हर भोजपुरी कलाकार की जिम्मेदारी है।