युवाशक्ति की पहल: सदर अस्पताल को मिली पाँच व्हीलचेयर

जिले के सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब व्हीलचेयर की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा। युवाशक्ति सेवा संस्थान की ओर से बुधवार को पाँच नई व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। यह पहल युवा नेता आकाश कुमार सिंह उर्फ रामजी सिंह के नेतृत्व में की गई, जिसे अस्पताल प्रशासन ने सहर्ष स्वीकार किया।

युवाशक्ति की पहल: सदर अस्पताल को मिली  पाँच व्हीलचेयर

__ मरीजों की परेशानी देख आगे आया संस्थान, युवा नेता रामजी सिंह के नेतृत्व में सराहनीय कदम

केटी न्यूज/बक्सर:

जिले के सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब व्हीलचेयर की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा। युवाशक्ति सेवा संस्थान की ओर से बुधवार को पाँच नई व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। यह पहल युवा नेता आकाश कुमार सिंह उर्फ रामजी सिंह के नेतृत्व में की गई, जिसे अस्पताल प्रशासन ने सहर्ष स्वीकार किया।व्हीलचेयर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजय कुमार की मौजूदगी में संस्थान के सदस्यों द्वारा अस्पताल को सौंपा गया। इस मौके पर अस्पताल परिसर में एक सादगीपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने इस सहयोग को मरीजों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान युवा नेता रामजी सिंह ने कहा कि वे पिछले कई दिनों से अस्पताल की व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने देखा कि दूर-दराज से इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को व्हीलचेयर के अभाव में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को अस्पताल परिसर में आने-जाने में परेशानी होती थी, जिससे उनका दर्द और बढ़ जाता था।उन्होंने आगे कहा कि सरकारी प्रक्रियाओं के तहत संसाधनों की उपलब्धता में समय लग जाता है, लेकिन जरूरत तत्काल होती है। इसी सोच के साथ युवाशक्ति सेवा संस्थान ने यह निर्णय लिया कि मरीजों की सुविधा के लिए अपने स्तर से व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी संस्था जनहित से जुड़े कार्यों में आगे बढ़कर सहयोग करती रहेगी।उपाधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक सहयोग से अस्पताल की व्यवस्था को मजबूती मिलती है और मरीजों को सीधा लाभ पहुंचता है। उन्होंने युवाशक्ति सेवा संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर संस्थान के कई सदस्य मौजूद रहे, जिनमें आशुतोष दुबे, शराफत हुसैन, त्रिभुवन ओझा, श्याम जी वर्मा, कन्हैया यादव, माइकल पांडेय, पप्पू जायसवाल, विकास वर्मा और विक्की जायसवाल प्रमुख रूप से शामिल थे।युवाशक्ति की यह पहल न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि यदि समाज के लोग आगे आएं तो कई समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है।