ओझा बरांव के बधार से लावारिस बाइक बरामद, मालिक की तलाश में जुटी पुलिस, कई पहलुओं पर हो रही जांच
मुरार थाना क्षेत्र के ओझा बरांव गांव के बधार से गुरुवार को लावारिस हालत में एक लाल रंग की बाइक बरामद होने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची मुरार थाना पुलिस ने बाइक को अपने कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है। फिलहाल पुलिस बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर और इंजन नंबर के आधार पर उसके वास्तविक मालिक का पता लगाने के साथ ही यह जानने का प्रयास कर रही है कि बाइक वहां किन परिस्थितियों में पहुंची।
केटी न्यूज/चौगाईं
मुरार थाना क्षेत्र के ओझा बरांव गांव के बधार से गुरुवार को लावारिस हालत में एक लाल रंग की बाइक बरामद होने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची मुरार थाना पुलिस ने बाइक को अपने कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है। फिलहाल पुलिस बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर और इंजन नंबर के आधार पर उसके वास्तविक मालिक का पता लगाने के साथ ही यह जानने का प्रयास कर रही है कि बाइक वहां किन परिस्थितियों में पहुंची।जानकारी के अनुसार, गुरुवार को गांव के लोगों की नजर बधार में काफी देर से खड़ी एक लाल रंग की बाइक पर पड़ी।

काफी देर तक कोई व्यक्ति बाइक लेने नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों को संदेह हुआ। इसके बाद इसकी सूचना मुरार थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को जब्त कर थाना ले आई।प्रारंभिक जांच में पुलिस कई बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि बाइक चोरी की हो सकती है। संभावना यह भी व्यक्त की जा रही है कि चोर किसी कारणवश या पुलिस की सक्रियता के चलते बाइक को सुनसान स्थान पर छोड़कर फरार हो गए हों। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है

और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।इधर, बाइक की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिक्रमगंज के एक युवक ने मुरार थाना में फोन कर बाइक पर अपना दावा किया। युवक ने पुलिस को बताया कि बरामद बाइक उसकी है, लेकिन देर शाम तक वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ थाना नहीं पहुंच सका। ऐसे में पुलिस फिलहाल उसके दावे की भी सत्यता की जांच कर रही है।

मुरार थानाध्यक्ष नेहा कुमारी ने बाइक बरामद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन और इंजन नंबर के आधार पर वाहन के स्वामित्व का सत्यापन कराया जा रहा है। जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि बाइक किसकी है और वह ओझा बरांव के बधार तक कैसे पहुंची। लावारिस बाइक मिलने की घटना के बाद ओझा बरांव समेत आसपास के गांवों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
