एमएनसीयू के गेट पर नवजात के इलाज मामले में प्रशासन सख्त, एसडीएम ने किया अस्पताल का निरीक्षण
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल के एमएनसीयू वार्ड में बिजली के अभाव में वार्ड के गेट पर नवजात के इलाज मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। मंगलवार को डुमरांव एसडीएम राकेश कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया तथा उस घटना की जानकारी ली।

केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल के एमएनसीयू वार्ड में बिजली के अभाव में वार्ड के गेट पर नवजात के इलाज मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। मंगलवार को डुमरांव एसडीएम राकेश कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया तथा उस घटना की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद एसडीएम ने माना कि नवजात के इलाज में डॉक्टरों द्वारा लापरवाही नहीं बरती गई थी, बल्कि व परिस्थितिजन्य फैसला था, जो सही था। भीषण गर्मी में अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने से एमएनसीयू वार्ड के अंदर इलाज संभव नहीं था, जिस कारण डॉक्टरों ने नवजात का जान बचाने के लिए ऐसा साहसिक कदम उठाया था।

दूसरी तरफ अस्पताल के निरीक्षण के बाद एसडीएम कई बिंदुओं पर नाराज दिखे, जिस पर प्रबंधन से तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया। एसडीएम ने कहा कि इसका प्रतिवेदन डीएम को सौंपा जाएगा। गौरतलब हो कि अस्पताल का चेंजर जलने व ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी के कारण सोमवार को अचानक अस्पताल में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। इसी दौरान एमएनसीयू वार्ड में गंभीर रूप से बीमार दो नवजातों का इलाज गेट के बाहर पेड़ की छांव में करनी पड़ी थी।इस मामले में वायरल वीडियो व मीडिया में छपी खबरों के आधार पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है।

