मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से संवरा राजेश मौर्या का भविष्य, 10 लाख की सहायता से शुरू किया सत्तू-बेसन उद्योग

आर्थिक चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भर बनने का सपना देखने वाले राजेश मौर्या आज स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने अपने सपने को हकीकत में बदलने की पहल की है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये की परियोजना राशि प्राप्त कर उन्होंने सत्तू-बेसन निर्माण इकाई स्थापित की।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से संवरा राजेश मौर्या का भविष्य, 10 लाख की सहायता से शुरू किया सत्तू-बेसन उद्योग

__ डुमरांव के राजेश मौर्या ने स्वरोजगार को बनाया आत्मनिर्भरता का आधार, मेसर्स केएमएस उद्योग के जरिए अपने सपनों को दे रहे आकार

केटी न्यूज/डुमरांव। 

आर्थिक चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भर बनने का सपना देखने वाले राजेश मौर्या आज स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने अपने सपने को हकीकत में बदलने की पहल की है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये की परियोजना राशि प्राप्त कर उन्होंने सत्तू-बेसन निर्माण इकाई स्थापित की। उनकी यह पहल सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने की एक मिसाल है।

डुमरांव के राजेश मौर्या, पिता राजनरायण सिंह, ने 25 जनवरी 2023 को मेसर्स केएमएस उद्योग की स्थापना की। इस इकाई में सत्तू और बेसन का निर्माण किया जाता है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर दिया। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने हौसला नहीं खोया और उपलब्ध अवसर का लाभ उठाकर उद्यमिता की राह चुनी।

__ सरकारी सहायता से मिला सपनों को उड़ान देने का अवसर

राजेश मौर्या की सफलता की कहानी इस बात को रेखांकित करती है कि सही अवसर और सकारात्मक सोच के सहारे व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार की दिशा में आगे बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना ने उन्हें उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय संबल उपलब्ध कराया। इसके बाद उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में प्रयास शुरू किया।उनकी यात्रा उन लोगों के लिए प्रेरणादायक है, जो आर्थिक परेशानियों के कारण अपना व्यवसाय शुरू करने से हिचकते हैं। राजेश ने स्वरोजगार को अपने भविष्य की राह बनाया और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने की उम्मीद के साथ आगे बढ़े।

__ युवाओं के लिए प्रेरणा बनी उद्यमिता की राह

मेसर्स केएमएस उद्योग की स्थापना के साथ राजेश मौर्या ने उद्यमी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। उनकी कहानी का संदेश स्पष्ट है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर, मेहनत और संकल्प के साथ स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ा जा सकता है।हालांकि, इकाई के वर्तमान वार्षिक टर्नओवर, उत्पादन क्षमता और रोजगार सृजन से संबंधित आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उनकी उद्यमशील पहल आत्मनिर्भर बनने की चाह रखने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का आधार है। राजेश मौर्या की यह कहानी बताती है कि अवसर का सही इस्तेमाल और निरंतर प्रयास जीवन में सकारात्मक बदलाव की राह खोल सकते हैं।