कोरान सराय में छह महीने से जलमग्न है दो प्रमुख सड़कें, फूटा लोगों का गुस्सा
कोरान सराय प्रमुख चौक पर पिछले छह महीनों से बने जलजमाव की समस्या अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। समस्या के समाधान में लगातार हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों और व्यापारियों का आक्रोश रविवार को सड़क पर दिखाई दिया।

__ कोरान सराय चौक पर प्रदर्शन, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और ओवरलोडेड वाहनों पर रोक लगाने की मांग
केटी न्यूज/डुमरांव
कोरान सराय प्रमुख चौक पर पिछले छह महीनों से बने जलजमाव की समस्या अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। समस्या के समाधान में लगातार हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों और व्यापारियों का आक्रोश रविवार को सड़क पर दिखाई दिया। मठिला रोड और चौगाई रोड में जलभराव के विरोध में लोगों ने भाजपा नेता संतोष दुबे के नेतृत्व में प्रदर्शन कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एनएच-120 निर्माण कार्य के दौरान बनाई गई जलनिकासी व्यवस्था शुरू से ही खामियों से भरी रही। सड़क किनारे बने नालों और स्लैबों की गुणवत्ता खराब होने के कारण वे कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो गए।

इसके बाद जलनिकासी का रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिससे दोनों प्रमुख मार्गों पर गंदा पानी जमा रहने लगा। बरसात से पहले ही हालात बदतर हो चुके हैं और राहगीरों के साथ-साथ आसपास के दुकानदारों एवं स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।प्रदर्शन के दौरान संतोष दुबे ने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने कई बार स्थानीय प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवरलोडेड बालू वाहनों के लगातार परिचालन से सड़क और नालों को भारी नुकसान पहुंचा है। नतीजतन जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जमा गंदा पानी अब स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। बदबू और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से संक्रामक बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई स्थानों पर सड़क और जलजमाव में अंतर करना मुश्किल हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि अवरुद्ध नालों को तत्काल खुलवाया जाए, क्षतिग्रस्त स्लैबों का पुनर्निर्माण कराया जाए तथा मठिला रोड और चौगाई रोड पर भारी एवं ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन पर प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन में अधिवक्ता सुरेंद्र यादव, मोहन तिवारी, विजय यादव, हलचल प्रसाद, श्रीकृष्ण तिवारी, पप्पू शर्मा, सुमित कुमार शर्मा, विंध्याचल चौरसिया, पप्पू अंसारी, राजेश गुप्ता, पिंटू शाह, राजेश शाह, अर्जुन तुरहा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी बक्सर से हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आगामी मानसून में स्थिति और भयावह हो सकती है।

