चौसा पावर प्लांट का ऊर्जा सचिव ने किया निरीक्षण, 660 मेगावाट यूनिट जल्द चालू करने के निर्देश
ऊर्जा सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड, पटना मनोज कुमार (भा.प्र.से.) ने शुक्रवार को चौसा स्थित पावर प्लांट का दौरा कर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्लांट के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा विभिन्न तकनीकी और संचालन संबंधी मुद्दों पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

__ एसजेवीएन प्लांट की समीक्षा बैठक में बाधाओं पर चर्चा, डुमरांव ग्रिड के रख-रखाव को लेकर भी दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
केटी न्यूज/चौसा:
ऊर्जा सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड, पटना मनोज कुमार (भा.प्र.से.) ने शुक्रवार को चौसा स्थित पावर प्लांट का दौरा कर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्लांट के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा विभिन्न तकनीकी और संचालन संबंधी मुद्दों पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।भ्रमण कार्यक्रम की शुरुआत ऊर्जा सचिव द्वारा एसजेवीएन परिसर में पौधारोपण कर की गई। इसके बाद उन्होंने प्लांट परिसर का निरीक्षण करते हुए विभिन्न इकाइयों की स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा उत्पादन क्षमता से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया।


समीक्षा बैठक के दौरान एसजेवीएन प्लांट की 660 मेगावाट क्षमता वाली द्वितीय यूनिट को चालू करने में आ रही बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी समस्याओं, संसाधनों की उपलब्धता तथा अन्य प्रशासनिक कारणों की जानकारी ऊर्जा सचिव को दी। इस पर मनोज कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी बाधाओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि यूनिट को जल्द से जल्द चालू कर बिजली उत्पादन बढ़ाया जा सके।उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए पावर प्लांट की प्रत्येक इकाई का समय पर संचालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेही तय करने की भी बात कही।

इसके अतिरिक्त ऊर्जा सचिव ने डुमरांव स्थित 132 केवी/33 केवी ग्रिड का भी निरीक्षण किया। ग्रिड के रख-रखाव, तकनीकी स्थिति और बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को नियमित मेंटेनेंस, उपकरणों की समय-समय पर जांच तथा आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रिड की सुदृढ़ता ही निर्बाध बिजली आपूर्ति की आधारशिला है।निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ भी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र विकसित किया जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी साहिला, अपर समाहर्ता बक्सर, विशेष कार्य पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर सहित एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने ऊर्जा सचिव को प्लांट की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया।ऊर्जा सचिव के इस दौरे को पावर प्लांट की कार्यप्रणाली में सुधार और बिजली उत्पादन को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों से उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित कार्यों में तेजी आएगी और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

