शादी-ब्याह के सीजन में एलपीजी पर प्रशासन की सख्ती

शादी-ब्याह के सीजन में एलपीजी गैस की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी, औचक जांच और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

शादी-ब्याह के सीजन में एलपीजी पर प्रशासन की सख्ती

__ बक्सर में कालाबाजारी रोकने को 27 गैस एजेंसियों पर निगरानी, 1303 शिकायतों का निष्पादन; वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए अलग व्यवस्था लागू

केटी न्यूज/बक्सर

शादी-ब्याह के सीजन में एलपीजी गैस की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी, औचक जांच और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। इनमें आईओसीएल की 13, बी०पी०सी०एल० की 6 और एचपीसीएल की 8 एजेंसियां शामिल हैं। जिले में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या भी काफी बड़ी है।

आईओसीएल के 2,02,360, बीपीसीएल के 57,517 तथा एचपीसीएल के 90,668 उपभोक्ता हैं।विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 13 मार्च से 12 मई तक कुल 2,74,661 गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा चुका है। इसके बावजूद 12 मई तक एजेंसियों के पास 4,735 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध बताया गया है। वहीं जिले में प्रतिदिन औसतन 6,419 सिलेंडरों की मांग के मुकाबले 5,527 सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में 26,136 रिफिल बुकिंग डिलीवरी के इंतजार में हैं और बैकलॉग 4.7 दिन का हो गया है।प्रशासन ने आपूर्ति व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए बुकिंग पर भी नियम लागू किए हैं। शहरी उपभोक्ता अंतिम डिलीवरी के 25 दिन बाद और ग्रामीण उपभोक्ता 45 दिन बाद ही नया घरेलू सिलेंडर बुक कर सकेंगे।

एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के अधिकारी लगातार गैस एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का भौतिक निरीक्षण कर रहे हैं। कालाबाजारी में संलिप्त प्रतिष्ठानों की पहचान कर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अब तक बक्सर सदर अनुमंडल में दो प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। सिर्फ 12 मई को ही सात गैस एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया गया।आम लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है।

एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी समस्या या सूचना के लिए 06183-223333 नंबर जारी किया गया है। नियंत्रण कक्ष में अब तक 1303 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका निष्पादन करने का दावा प्रशासन ने किया है।शादी और श्राद्ध कार्यक्रमों में वाणिज्यिक गैस की भारी मांग को देखते हुए प्रशासन ने अलग व्यवस्था लागू की है। रसोइयों और कैटरर्स को पहले वाणिज्यिक गैस के लिए निबंधन कराना होगा। वहीं जिन परिवारों में शादी है, उन्हें शादी कार्ड के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा। आवेदन में आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों का अनुमान बताना अनिवार्य होगा।

प्रशासन के अनुसार प्राप्त आवेदनों के आधार पर तेल कंपनियों के माध्यम से आनुपातिक रूप से वाणिज्यिक गैस उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक बक्सर अनुमंडल में 652 और डुमरांव अनुमंडल में 523 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जिलाधिकारी लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा कर आपूर्ति व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।