घरेलु विवाद में महिला ने तीन बच्चों के साथ खाया जहरीला पदार्थ, एक की मौत, अन्य इलाजरत

राजपुर थाना क्षेत्र के रसेन गांव में हुई एक हृदयविदारक घटना में एक मासूम की मौत हो गई है, जबकि उसकी मां तथा दो भाई जहरीले पदार्थ के असर से जीवन व मौत से जूझ रहे है। उनका सदर अस्पताल में इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि महिला ने घरेलु विवाद में अपने तीन बच्चों के साथ खेत में डालने वाला कीटनाशक खा लिया है।

घरेलु विवाद में महिला ने तीन बच्चों के साथ खाया जहरीला पदार्थ, एक की मौत, अन्य इलाजरत

-- पहले पहुंची थी पुलिस, फिर भी नहीं बच पाई जान, सिस्टम की खामोशी पर उठे सवाल

केटी न्यूज/बक्सर

राजपुर थाना क्षेत्र के रसेन गांव में हुई एक हृदयविदारक घटना में एक मासूम की मौत हो गई है, जबकि उसकी मां तथा दो भाई जहरीले पदार्थ के असर से जीवन व मौत से जूझ रहे है। उनका सदर अस्पताल में इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि महिला ने घरेलु विवाद में अपने तीन बच्चों के साथ खेत में डालने वाला कीटनाशक खा लिया है।जानकारी के अनुसार रसेन गांव निवासी स्व. राजकुमार चौहान की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी रूबी देवी की शादी घरवालों ने उसके देवर जितेन्द्र चौहान से करा दी थी।रूबी के तीन बच्चे थे तथा देवर से दूसरी शादी के बाद भी उसकी समस्याएं कम नहीं हुई थी, बल्कि घरेलु विवाद के कारण वह अवसाद में चल रही थी। 

मंगलवार को उसके अवसाद को देखते हुए घरवालों को किसी अनहोनी की आशंका हुई तथा उसके घरवाले स्थानीय पुलिस को भी सूचना दिए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने रूबी को समझाया भी था, लेकिन उसका कुछ असर उस पर नहीं हुआ तथा बुधवार को उसने बच्चों के साथ खेत में छिड़काव करने वाला कीटनाशक पी लिया, जिससे थोड़ी देर में ही सबकी हालत खराब होने लगी। जिसके बाद घरवाले सभी को लेकर इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने एक बच्चे को मृत घोषित कर दिया, वहीं अन्य तीनों की हालत भी नाजूक बनी हुई है। इस घटना के बाद जहां पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं गांव में कई तरह की चर्चाएं हो रही है।   

ग्रामीण सूत्रों की मानें तो रूबी देवी अपने परिवारिक हालात को लेकर लंबे समय से मानसिक दबाव में थीं। पति की मृत्यु के बाद दूसरा विवाह, जिम्मेदारियों का बोझ और आए दिन के घरेलू विवाद, इन सबने स्थिति को लगातार बिगाड़ा। अहम बात यह है कि घटना से एक रात पहले ही तनाव चरम पर था और आशंका की सूचना पुलिस तक पहुंची थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद भी हालात पर स्थायी निगरानी नहीं हो सकी।बुधवार दोपहर परिवार के अन्य सदस्य व्यस्त थे, उसी दौरान स्थिति अचानक गंभीर हो गई। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आनन-फानन में सभी को स्वास्थ्य केंद्र और फिर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने एक बच्चे को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन का इलाज जारी है।

-- घटना के बाद उठ रहे है कई सवाल

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब खतरे की आशंका पहले ही जताई जा चुकी थी, तो क्या सिर्फ पुलिस द्वारा समझाना ही पर्याप्त था, क्या परिवार को काउंसलिंग, महिला एवं बाल संरक्षण इकाइयों या सामाजिक सहायता से जोड़ने की जरूरत नहीं थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पुलिस, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण तंत्र के बीच समन्वय बेहद जरूरी है।फिलहाल पुलिस ने मामले की सूचना दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में मातम पसरा है और परिजन सदमे में हैं।