एनएच-922 पर बढ़ती दुर्घटनाओं के खिलाफ भाजपा नेता दीपक ने एसडीपीओ को सौंपा मांग पत्र

पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-922 के प्रताप सागर-चिलहरी मुख्य मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। इसी गंभीर समस्या को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह-संयोजक एवं युवा भाजपा नेता दीपक यादव ने डुमरांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

एनएच-922 पर बढ़ती दुर्घटनाओं के खिलाफ भाजपा नेता दीपक ने एसडीपीओ को सौंपा मांग पत्र

केटी न्यूज/डुमरांव

पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-922 के प्रताप सागर-चिलहरी मुख्य मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। इसी गंभीर समस्या को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह-संयोजक एवं युवा भाजपा नेता दीपक यादव ने डुमरांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

हाल ही में इसी मार्ग पर अज्ञात वाहन की चपेट में आकर चौगाई निवासी एक निर्दाेष व्यक्ति की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद वाहन चालक का फरार हो जाना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि इस मार्ग पर अनियंत्रित रफ्तार और अव्यवस्था का भी प्रतीक माना जा रहा है।

दीपक यादव ने कहा कि यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि लगभग 50 गांवों को फोर लेन से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क पथ है। इसी मार्ग पर जिले का प्रसिद्ध टी.बी. अस्पताल मेथोडिस्ट अस्पताल स्थित है, जहां बिहार सहित अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। रोजाना हजारों ग्रामीण, छात्र, मजदूर, व्यापारी, मरीज और एम्बुलेंस इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर यहां कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि फोर लेन निर्माण के बाद वाहनों की गति कई गुना बढ़ गई है, लेकिन न तो स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं, न चेतावनी बोर्ड, न स्ट्रीट लाइट और न ही सुरक्षित पैदल पार-पथ की सुविधा। नतीजतन यह मार्ग धीरे-धीरे “मौत का रास्ता” बनता जा रहा है। मांग पत्र में दीपक यादव ने स्पीड ब्रेकर निर्माण, बड़े चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टिव साइनेंज, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती, तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई तथा अस्पताल और गांवों के पास सुरक्षित पैदल पार-पथ की मांग की है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में होने वाली हर दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी। विकास तभी मायने रखता है, जब वह मानव जीवन को सुरक्षित बनाए।