राजस्व मामलों में बक्सर को आदर्श जिला बनाने का निर्देश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव सी. के. अनिल की अध्यक्षता में शनिवार को बक्सर जिला अंतर्गत राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में हुई इस बैठक में जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, बंदोबस्त पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता (बक्सर एवं डुमरांव), सभी अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी सहित विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
-- प्रधान सचिव सी.के. अनिल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, पारदर्शिता और समानता पर विशेष जोर
केटी न्यूज/बक्सर
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव सी. के. अनिल की अध्यक्षता में शनिवार को बक्सर जिला अंतर्गत राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में हुई इस बैठक में जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, बंदोबस्त पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता (बक्सर एवं डुमरांव), सभी अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी सहित विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

-- त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बक्सर जिले को राजस्व मामलों में एक आदर्श जिला के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए सभी स्तरों पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य संस्कृति को अनिवार्य रूप से अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में आम जनता को समय पर न्याय और सुविधा मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

-- दाखिल-खारिज से लेकर भू-अर्जन तक की समीक्षा
समीक्षा के दौरान दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, परिमार्जन, आधार सीडिंग, भू-लगान, आरओआर, लैंड बैंक, जन शिकायत, राजस्व महा अभियान, राजस्व न्यायालय एवं भू-अर्जन से संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रधान सचिव ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राजस्व कर्मचारी एवं अमीन की दैनिक डायरी अनिवार्य रूप से संधारित कराएं और उनके कार्यों की नियमित समीक्षा करें। साथ ही सभी राजस्व कर्मचारियों का आधिकारिक ई-मेल आईडी बनाकर उसे सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया गया।

-- समानता के सिद्धांत का कड़ाई से पालन
प्रधान सचिव ने सभी प्रशासनिक एवं अर्द्ध-न्यायिक कार्यों में संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत समानता के सिद्धांत का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी प्रकार का भेदभाव, पक्षपात या चयनात्मक निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा। यदि समान परिस्थितियों में अलग-अलग निर्णय लिए जाते हैं तो उसका स्पष्ट और लिखित कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा।

-- राजस्व महा अभियान और लैंड बैंक पर सख्त निर्देश
सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राजस्व महा अभियान से संबंधित प्रतिवेदन दो दिनों के भीतर अपलोड करें तथा आधार सीडिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करें। इसके अलावा प्रत्येक अंचल में लैंड बैंक के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए इससे जुड़े सभी कार्य 15 जनवरी से पहले पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
-- सरकारी भूमि और अतिक्रमण पर कार्रवाई
सरकारी भूमि के शीघ्र डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए प्रधान सचिव ने कहा कि यदि बिना सक्षम अनुमति के सरकारी, खास महल अथवा अन्य भूमि की जमाबंदी की गई है तो उसके निरस्तीकरण का प्रस्ताव तत्काल सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाए। साथ ही सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित और सख्ती से करने के निर्देश दिए गए।

-- अनुसूचित जाति के भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि भूमिहीन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से सरकारी भूमि पर दखल दिलाना सभी अंचलाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
-- समय-सीमा में निपटें लंबित मामले
परिमार्जन मामलों पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया गया कि सभी परिमार्जन प्रकरणों का निष्पादन अधिकतम 75 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 01 जनवरी 2026 तक लंबित सभी आवेदनों का निष्पादन एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से करने का आदेश दिया गया। सभी अंचलाधिकारियों को आगामी तीन माह की कार्ययोजना (एक्शन प्लान) तैयार कर जिला पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश भी दिया गया।

-- भू-अर्जन में शिविर लगाकर भुगतान
भू-अर्जन मामलों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि रैयतों से आवेदन प्राप्त करने के लिए शिविर आयोजित किए जाएं और जांच के बाद पात्र हितग्राहियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
