केटी न्यूज़, ऑनलाइन डेस्क:
सामाजिक और राजनीतिक विवादों में फंसी कांग्रेस एक बार फिर पित्रोदा के बयान से किनारा कर रही है। सैम पित्रोदा ने भारतीयों को चीनी और अफ्रीकी लोगों के साथ तुलना की, जिससे कांग्रेस के बैकफुट पर आने का माहौल बन गया है। इसे लेकर कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके अपना अस्वीकार जताया। उन्होंने कहा, "सैम पित्रोदा ने भारतीय विविधता को बताने के लिए जिन उपमाओं का इस्तेमाल किया है, वे दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। हम इन उपमाओं से पूरी तरह असहमत हैं और इनसे किनारा करते हैं।"
विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने भी इस बयान का तीव्र आलोचना किया है। " डीएमके नेता टीकेएस एलानगोवन ने भी पित्रोदा के बयान को नकारा, कहते हुए, "हम सब साथ है। हमने कभी भारत के लोगों में भेद नहीं किया। हम भाषा और संस्कृति की समानता की बात करते हैं और ये मानते हैं कि भारत के हर राज्य में रहने वाले लोग समान हैं।"
कांग्रेस के प्रवक्ता तहसीन पूनावाला ने भी पित्रोदा के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी को यह तय करना पड़ेगा कि क्या सैम पित्रोदा को उनके लिए बोलना चाहिए या नहीं। हर बार वे जब भी बयान देते हैं तो विवाद हो जाता है।
क्या कहा था पित्रोदा ने
सैम पित्रोदा ने हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में भारत की विविधता को बताते हुए कहा, "हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं, जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों जैसे और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे लगते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम सभी बहन-भाई हैं।" इस बयान ने राजनीतिक विवाद को और गहरा बना दिया है, और भाजपा ने इसे रंगभेदी और नस्लभेदी बताया है।